रांची, राज्य ब्यूरो। पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाने वाली महिला नेत्री ने विधायक पर साक्ष्य मिटाने का आरोप मढ़ा है। महिला नेत्री ने कहा कि देवघर महिला थाना में मुकदमा दर्ज कराने के 45 दिनों बाद भी पुलिस महकमा इस मामले में मौन है। वह सच को झूठ करने पर आमादा है। यह स्थिति तब है, जबकि वह न्याय के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग तक से गुहार लगा चुकी है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सीबीआइ जांच की मांग की है।

प्रदीप यादव की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
यौन उत्पीडऩ मामले में देवघर जिला कोर्ट ने झाविमो नेता व विधायक प्रदीप यादव की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। प्रदीप यादव के वकील रामदेव यादव ने बताया कि अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की ओर से पेश की गई दलील के बाद फैसला सुरक्षित रखा है। सुरक्षित फैसला को कब सुनाया जाएगा, इस बाबत जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है।
इससे पहले 11 जून को अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाया जाना था, लेकिन कोर्ट ने सुनावाई के लिए 17 जून की तारीख मुकर्रर की थी। विधायक प्रदीप यादव पर उनकी ही पार्टी की नेत्री ने महिला थाना में यौन उत्पीडऩ का मामला दर्ज कराया था। इसी मामले में अपना पक्ष रखने को लेकर पुलिस की ओर से विधायक को नोटिस भेजा गया था। नोटिस मिलने के बाद 13 जून को विधायक ने साइबर थाना में पहुंचकर अपना पक्ष रखा था।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman

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