रांची, [दिलीप कुमार]। करोड़ों की हेराफेरी में बर्खास्त खूंटी जिला परिषद् के पूर्व कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा की पत्नी, बेटा व बेटी फरार हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अब उनके आवास की कुर्की-जब्ती करेगी। इसके लिए अनुसंधानकर्ता ने कोर्ट में अर्जी भी दी है। एसीबी की जांच में आय से अधिक संपत्ति के मामले में कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा के खिलाफ कांड सत्य पाया गया था। उनपर आय से 679 प्रतिशत अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई थी।

भ्रष्टाचार का यह मामला वर्ष 2006 से 2010 के बीच का है। इनपर खूंटी जिला परिषद के मनरेगा योजना से जुड़े 18 करोड़ 76 लाख 144 रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। एसीबी की जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। इंजीनियर गिरफ्तारी के बाद जेल गए थे। वर्तमान में वे जमानत पर हैं। भ्रष्टाचार में उनकी पत्नी शीला कुमारी, पुत्री पूजा सिन्हा व पुत्र राहुल कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। इसके बाद ही पत्नी, बेटा व बेटी के विरुद्ध पहले गिरफ्तारी वारंट, उसके बाद इश्तेहार और अब कुर्की की तैयारी है।

अनुसंधान में पत्नी, बेटे व बेटी के पास जो संपत्ति मिली

पत्नी शीला कुमारी : विभिन्न स्रोतों से आय चार लाख, 46 हजार 541 रुपये थी। इन्होंने 96 लाख, 45 हजार 915 रुपये खर्च किया। यानी 91 लाख 99 हजार 374 रुपये का हिसाब नहीं मिला।

पुत्री पूजा सिन्हा : इनके खाते में पिता राम विनोद प्रसाद सिन्हा ने सरकारी योजना मद के 35 लाख रुपये स्थानांतरित किया और अपने दूसरे कारोबार के लिए निकलवाया। इनका अपने निजी आय का कोई स्रोत नहीं मिला।

बेटा राहुल कुमार सिन्हा : इनके नाम पर नोएडा में 60 लाख रुपये के फ्लैट खरीदे गए हैं। इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि पिता राम विनोद प्रसाद सिन्हा के निलंबन अवधि में दूसरे मकान का पावर ऑफ अटार्नी लेकर बेटे ने उसकी बिक्री की और उसी रुपये से नोएडा में फ्लैट खरीदी।

अनुसंधानकर्ता को देना पड़ चुका है स्पष्टीकरण

डीजी के आदेश के बावजूद इंजीनियर की पत्नी, बेटा व बेटी की गिरफ्तारी नहीं करने पर एसीबी के अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर राजनारायण सिंह को स्पष्टीकरण देना पड़ा। इंस्पेक्टर ने जवाब में वारंट व इश्तेहार तामिला की जानकारी दी और बताया कि कुर्की के लिए कोर्ट से अनुमति का इंतजार है।

4.25 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है ईडी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने मनी लाउंड्रिंग एक्ट में अब तक जेई राम विनोद सिन्हा की 4.25 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है। जेई राम विनोद सिन्हा ने मेसर्स अरुणाचल प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट एंड ट्रेडिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से एक कंपनी बनाकर राशि डिपोजिट की।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस