रांची, (नीरज अम्बष्ठ)। टीकाकरण का ही असर है कि कोरोना का वर्तमान संक्रमण पिछली दो लहरों की तरह घातक साबित नहीं हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि पहली और दूसरी लहर में जहां कोरोना से होनेवाली मौत की दर 1.50 प्रतिशत थी, वहीं इस बार यह दर महज 0.15 प्रतिशत है। इस तरह सौ लोगों के संक्रमित होने पर एक भी मौत नहीं हुई है। दूसरी तरफ, राज्य के 24 जिलों में नौ जिले ऐसे हैं, जहां एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं, आठ जिले ऐसे हैं, जहां एक या दो की संख्या में कोरोना संक्रमित की मौत हुई है।

नौ जिलों में एक भी मौत नहीं, आठ जिलों में एक या दो

पिछले साल एक दिसंबर से ही तीसरी लहर आने की बात करें तो अबतक कुल 66,144 लोग संक्रमित हुए, जिनमें 40,569 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, 95 कोरोना मरीजों की ही मौत हुई है। जिन नौ जिलों में एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है उनमें चतरा, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, जामताड़ा, लोहरदगा, पाकुड़, साहिबगंज तथा सिमडेगा शामिल है। साथ ही जिन आठ जिलों में एक या दो की संख्या में ही मौत हुई है उनमें देवघर, गोड्डा, गुमला, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, पलामू तथा पश्चिमी ङ्क्षसहभूम शामिल हैं।

सर्वाधिक मौत पूर्वी सिंहभूम में

वर्तमान लहर में राज्य में जितने कोरोना मरीजों की मौत हुई है उनमें से 48 सिर्फ पूर्वी सिंहभूम में हुई है। इससे वहां कोविड प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि दूसरी लहर में भी वहां सबसे अधिक मौत हुई थी। हालांकि, तीनों लहर में हुई मौत की बात करें तो सबसे अधिक मौत रांची में हुई। वर्तमान लहर में रांची में अबतक 12 कोरोना मरीजों की मौत हुई है।

मरनेवालों में अधिसंख्य अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित

इस बार कोरोना से जितने लोगों की मौत हुई है, उनमें से अधिसंख्य अन्य गंभीर बीमारियों से पहले से जूझ रहे थे। इनमें से तो कई पहले से अस्पताल में भर्ती थी। गिने-चुने मरीज ही ऐसे हैं जिनकी मौत सिर्फ कोरोना से हुई। यह बात भी सामने आई है कि मरनेवालों में अधिसंख्य ने दोनों डोज का टीका ही नहीं लिया था।

दो प्रतिशत संक्रमित ही अस्पतालों में भर्ती

राज्य में वर्तमान में जितने लोग कोरोना संक्रमित हैं, उनमें से दो प्रतिशत ही अस्पतालों में भर्ती हैं। दो प्रतिशत में भी अधिसंख्य अस्पताल में सामान्य बेड में सिर्फ आइसोलेशन के लिए भर्ती है। आंकड़ों की बात करें तो वर्तमान में मौजूद लगभग 25 हजार एक्टिव केस में महज 51 आइसीयू में भर्ती हैं। इनमें भी महज आठ वेंटिलेटर बेड पर भर्ती हैं। इनमें पांच जमशेदपुर तथा तीन रांची के हैं।

Edited By: Madhukar Kumar