रांची, जागरण संवाददाता। टेस्ट खिलाड़ी शाहबाज नदीम भारत के सफलतम कप्तानों में शुमार विराट कोहली के टेस्ट मैच की कप्तानी छोडऩे से स्तब्ध हैं। कहा, लेकिन यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। कुछ सोच कर ही उन्होंने यह निर्णय लिया होगा। मैदान के अंदर उनकी आक्रमकता हमेशा याद की जाएगी। अपने खेल से वे विरोधी टीम पर कैसे दबाव बनाते हैैं, यह युवाओं के लिए सीखने की चीज है। उन्होंने यह निर्णय कुछ सोच कर ही लिया होगा। वे टीम में एक बल्लेबाज के रूप में योगदान देना चाहते होंगे। इस निर्णय से उनके खेल का करियर लंबा होगा। नदीम ने बताया कि 20 अक्‍टूबर 2019 में विराट कोहली की कप्तानी में ही मैंने रांची में दक्षिण अफ्रिका के खिलाफ अपने करियर का पहला टेस्ट मैच खेला था। कोहली ने मुझे टेस्ट कैप दिया था। वह मुझे ताउम्र याद रहेगा।

टीम में सबकुछ ठीक नहीं : प्रदीप खन्ना

पूर्व रणजी खिलाड़ी प्रदीप खन्ना का मानना है कि विराट कोहली को कप्तानी नहीं छोडऩी चाहिए थी। वह अपने खेल की आक्रमकता से ही विरोधी टीम पर हावी हो जाते थे। उसका कप्तानी छोडऩे का भले ही लोग कुछ और कयास लगा रहे हो, लेकिन टीम में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। टीम को अभी विराट कोहली की कप्तानी की आवश्यकता थी। वह तीन चार साल आराम से टीम की कप्तानी कर सकते थे। ऐसा भी नहीं था कि कप्तान बनने के बाद उनकी बल्लेबाजी प्रभावित हो रही थी। लेकिन यह निर्णय उनका है, हो सकता है कि लंबे करियर के लिए ऐसा किया हो।

सचिन की तरह टीम में रहना चाहते हैैं : आदिल हुसैन

पूर्व रणजी खिलाड़ी आदिल हुसैन ने कहा कि विराट कोहली एक शानदार खिलाड़ी व कप्तान है। उनकी कप्तानी में भारत ने विदेश में जीत दर्ज की। अचानक उनका कप्तानी छोडऩे का निर्णय स्तब्ध करने वाला है। हो सकता है कि उन्होंने कुछ सोचकर ही ऐसा किया हो। क्रिकेट के भगवान सचिव तेंदुलकर भी कप्तानी छोडऩे के बाद वर्षों टीम के लिए खेलते रहे और शानदार प्रदर्शन किया। हो सकता है कि उनके मन में में भी कुछ ऐसा ही हो।

भारतीय क्रिकेट के लिए विराट की कप्तानी छोडऩा सही नहीं : जय

रांची विवि के पूर्व खेल निदेशक व क्रिकेट प्रशिक्षक जय कुमार सिन्हा का मानना है कि विराट कोहली का कप्तानी छोडऩे का निर्णय भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने बेहतर प्रदर्शन किया है। उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। टी-20 व एक दिवसीय टीम की कप्तानी से हटाने के बाद कोहली को लगा होगा कि टेस्ट की कप्तानी से हटाये जाने की आशंका के बीच उन्होंने ऐसा निर्णय लिया हो। यह भी हो सकता है कि यह निर्णय यह सोच कर लिया हो कि बिना किसी दबाब के खेल का आनंद ले और अपने खेल के करियर को कुछ और बढ़ा लें।

Edited By: M Ekhlaque