रांची, जासं । कोरोना महामारी के कारण लाखों घर तबाह हो गए। बड़ी संख्या में देश ने अपने कमाऊ पुत्र को खो दिया। झारखंड में इस महामारी ने पांच हजार से अधिक लोगों की जान ले ली। विभीषिका की घड़ी ऐसी बीती कि कइयों का विधि-विधान पूर्वक अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका। दैनिक जागरण ने इस पीड़ा को शिद्दत से महसूस किया है। आज भी कोरोना से हम सबकी जंग जारी है। विपदा की इस घड़ी में दैनिक जागरण परिवार ने सर्वधर्म प्रार्थना की पहल की है। इससे उन परिवारों को संबल मिलेगा, जो अपनों को खो चुके हैं और संक्रमण से जंग लड़ने के साथ ही हम सबको बचाने में लगे हुए हैं। साथ ही उन लोगों की आत्मा को शांति मिलेगी जो अब हमारे बीच नहीं रहे।

सर्वधर्म प्रार्थना सभा 14 जून को, दैनिक जागरण के इस अभियान से जुड़ने की अपील

कोरोना महामारी के कारण लाखों घर तबाह हो गए। बड़ी संख्या में देश ने अपने कमाऊ पुत्र को खो दिया। विभीषिका की घड़ी ऐसी बीती कि कइयों का विधि-विधान पूर्वक अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका। ऐसे में दैनिक जागरण ने 14 जून को दिन के 11 बजे मृत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखने की अपील की है। जागरण की यह पहल सराहनीय है। बार एसोसिएशन रांची प्रदेश के तमाम अधिवक्ताओं से अपील करता है कि इस अभियान से जुड़ें। -कुंदन प्रकाशन, सचिव बार एसोसिएशन, रांची

कोरोना ने कई परिवार को अनाथ कर दिया। कई ऐसे लोगों की मौत हुई जिनका अपना कोई नहीं था। गुमनाम की तरह शव का अंतिम संस्कार किया गया। दैनिक जागरण ने ऐसे मृत आत्माओं की शांति 14 जून को 11 बजे दो मिनट के मौन धारण की अपील की है। जागरण की यह अपील उत्तम है। रांची के समस्त अखाड़ाधारियों, मंदिर-मठ के पुजारियों से अपील है कि जागरण की मुहिम में शामिल हों। मृतकों की आत्मा की शांति हेतु अवश्य प्रार्थना करें। - जयङ्क्षसह यादव , अध्यक्ष श्रीमहावीर मंडल, रांची

कोरोना संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले हमारे अपने ही हैं चाहे उनसे खून का रिश्ता हो या नहीं हो। उनकी आत्मा की शांति के लिए 14 जून को 11 बजे दो मिनट का मौन रखें। जागरण के इस अभियान में खेलगांव सहित अन्य सोसाइटी के लोग जरूर सहभागी बनें। - अमरेंद्र कुमार, संयुक्त सचिव, खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी

कोरोना के कहर से अनाथ हुए परिजनों की सिसकियां अभी बंद नहीं हुई है। अपनों की याद में रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, हजारों की संख्या में ऐसे भी लोग इस विभीषिका में काल के गाल में समा गये जो खुद अनाथ थे या अनाथ की तरह जीवन निर्वाह कर रहे थे। कई के शव अस्पताल में पड़े रहे। विधानपूर्वक अंतिम संस्कार तक नहीं हो सका। वो किसी भी धर्म या जाति के हो सकते हैं। दैनिक जागरण की मुहिम में शामिल होकर 14 जून को 11 बजे मृत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण करें। जागरण की यह पहल मानवीय संवेदना से परिपूर्ण है। - प्रेमशाही मुंडा, अध्यक्ष आदिवासी जन परिषद

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