जागरण संवाददाता, राची : झारखंड हाई कोर्ट चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन के आदेशानुसार मंगलवार को चलती ट्रेन में चोरी के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपितों प्रदीप मंडल, ललन कुमार यादव, संतोष साव और हेमकांत महतो की जमानत पर मुख्य न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सिविल कोर्ट के इतिहास में यह पहली सुनवाई है, जो वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। खासबात ये है कि न्यायायुक्त अपने आवासीय कार्यालय से तथा लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता सौरभ कुमार भी अपने आवास से वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े तथा बेल की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने केस की स्टडी के लिए समय की माग की। अदालत ने सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।

मालूम हो कि आरपीएफ टीम ने चोरी के शक में पाच फरवरी 2020 को चारों को गिरफ्तार किया था। तालाशी के दौरान उनके पास से चोरी के कुछ सामान भी बरामद हुए थे। चारों बिहार के रहने वाले हैं। आरोपितों के खिलाफ राची रेल थाना काड संख्या 3/2020 दर्ज कर होटवार जेल भेज दिया गया था।

ज्ञात हो कि कोरोना महामारी के कारण सिविल कोर्ट में आवश्यक मामलों की ही सुनवाई हो रही है। चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन ने जिलों के न्यायाधीशों को आवश्यक मामलों की सुनवाई अपने आवासीय कार्यालय से वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से करने का निर्देश दिया है ताकि लॉक डाउन की स्थिति में न्यायिक कार्य बाधित न हो।

बेल मिलने के बाद भी जेल में रहने की मजबूरी

जासं, राची : होटवार जेल में बंद दो आरोपितों सद्दाम खान और धनेश्वर राम को न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत से 19 मार्च 2020 को ही जमानत मिल गई थी, लेकिन बंधपत्र नहीं दाखिल कर पाने के कारण दोनों जेल में ही बंद हैं। आरोपितों के खिलाफ बुढ़मू थाना में काड संख्या 09/2020 दर्ज है। इसकी जानकारी मिलने पर डालसा ने पैनल वकील विनोद कुमार सिंह को आरोपितों की ओर से प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी नितिका की अदालत में बंधपत्र दाखिल करने के लिए अधिकृत किया है।

Posted By: Jagran

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