रांची (संजय कुमार)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की केंद्रीय प्रन्यासी मंडल एवं प्रबंध समिति की तीन दिवसीय बैठक शुक्रवार को गुजरात के जूनागढ़ स्थित स्वामीनारायण मंदिर में शुरू हुई। दो वर्ष बाद प्रत्यक्ष रूप से हो रही इस बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक तरफ जहां विहिप के कार्य विस्तार पर प्रकाश डाला, वहीं मतांतरण में लगी ईसाई मिशनरियों पर भी प्रहार किया। उन्होंने मतांतरित लोगों की घर वापसी के लिए चलाए जा रहे अभियान में तेजी लाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि ईसाइयों ने भारत में 350 सालों तक अत्याचार किया है। यहां बड़े पैमाने पर मतांतरण चल रहा है। इसको लेकर भारत आने पर पोप क्षमा मांगें। साथ ही मतांतरण बंद करने की घोषणा करें।

विश्व भर के हिंदुओं की चिंता करनी होगी : आलोक कुमार

उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को सुरक्षित रखने के लिए घर वापसी की गति हमें बढ़ानी होगी। हिंदू से जो लोग मुसलमान बन गए हैं, उनकी घर वापसी के लिए अभियान में तेजी लाई जाएगी। वैसे लोगों को मान-सम्मान दिया जाएगा। साथ ही जनजातीय समाज के जो लोग मतांतरित हो चुके हैं वैसे लोगों को आरक्षण से वंचित किया जाए। इसके लिए विहिप पूरे देश में अभियान चलाएगी। वहीं पर्यावरण की रक्षा के लिए भी व्यापक योजना बनाई जाएगी।

विहिप विश्व के समस्त ङ्क्षहदुओं की चिंता करने वाला संगठन है

आलोक कुमार ने कहा, विहिप विश्व के समस्त हिंदुओं की चिंता करने वाला संगठन है। जो लोग यहां से बाहर जाते हैं उनकी भी चिंता हमें करनी होगी। दूसरे देश से जो लोग यहां पढऩे आते हैं, उनका भी खयाल रखें। उन्होंने कहा कि गुरु तेगबहादुर ने ङ्क्षहदुओं के अस्तित्व को बचाने के लिए अपना बलिदान किया था। इसलिए उनकी शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार करने के लिए देशभर में कार्यक्रम किए जाएंगे। कार्याध्यक्ष ने कहा कि 2024 में विहिप की स्थापना के 60 वर्ष पूरे हो जाएंगे। उस समय तक देश के सभी गांवों तक पहुंचने की रणनीति पर काम करना होगा।

भारत वर्ष को अपना राष्ट्र समझने वाले ही राष्ट्रभक्त कहे जाएंगे

वहीं अखिल भारतीय साधु समाज के अध्यक्ष स्वामी मुक्तानंद महाराज ने कहा कि भारत वर्ष को अपना राष्ट्र समझने वाले ही राष्ट्रभक्त कहे जा सकते हैं। भारतीय समाज, संस्कृृति व मानबिंदुओं की अवहेलना करने वाले को सदैव राष्ट्रद्रोही ही कहा जाएगा।

हिंदू  समाज को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेवा कार्य में विहिप लाएगी तेज

केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने पिछले छह माह के कार्यों का विश्लेषण करते हुए कहा, हिंदू समाज को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विहिप सेवा के कार्य में तेजी लाएगी। भारतीय संस्कृति एवं सांस्कृतिक परंपरा को फिर से संपूर्ण विश्व में प्रचारित एवं प्रसारित करने की आवश्यकता है। सनातन परंपरा के विस्तार से ही अलगाववाद व आतंकवाद जैसी विध्वंसकारी गतिविधि समाप्त होगी।

पहले सत्र की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डा. आरएन सिंह ने की। बैठक में स्वामी देवानंद जी महाराज, उपाध्यक्ष एवं श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय, उपाध्यक्ष हुकुमचंद चावला, संरक्षक दिनेश चंद्र, केंद्रीय संगठन मंत्री विनायक राव देशपांडे, केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डा. सुरेंद्र जैन, केंद्रीय न्यासी मंडल के सदस्य जगन्नाथ शाही सहित झारखंड से क्षेत्र संगठन मंत्री आकारपु केशव राजू, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, प्रांत मंत्री डा. वीरेंद्र साहू, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, कार्याध्यक्ष तिलक राज मंगलम के साथ देश के लगभग 400 कार्यकर्ता तथा थाईलैंड, वर्मा, नेपाल, बांग्लादेश सहित कई देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

Edited By: Sanjay Kumar