रांची : विश्व ¨हदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगन्नाथ शाही ने कहा है कि अस्मिता और अस्तित्व का बोध ही राष्ट्रीयता को जाग्रत करेगा। वे गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक में लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम स्टेशन रोड स्थित ग्रीन होराइजन स्टेशन रोड में हुआ। उन्होंने धर्मरक्षा निधि की चर्चा करते हुए कहा कि अपनी धर्म संस्कृति रक्षा के लिए धर्मरक्षानिधि जरूरी है। विश्व हिंदू परिषद् तामसिक और राजसिक दान के स्थान पर सात्विक मन से दिए गए तन मन और धन के साधनों के बलबूते अपने कार्य को लक्ष्य को संपादित करेगा। उन्होंने कहा कि ¨हदू समाज के अस्तित्व और अस्मिता के लिए जन आंदोलन को ध्यान में रखकर ही विश्व ¨हदू परिषद् की स्थापना हुई, ताकि पूरे विश्व के ¨हदुओं को इसका बोध हो और सबल राष्ट्र का निर्माण हो सके। जब-जब ¨हदुओं ने अपनी अस्मिता से मुंह मोड़ा, तब-तब उसके अस्तित्व पर संकट आया और जिस हिंदू राष्ट्र की सीमाएं सीरिया ईरान इराक के पार थीं, वह सिकुड़ती चली गईं। पाकिस्तान बनने से पूर्व उस भूभाग पर 24 प्रतिशत ¨हदू थे और वहा 70 प्रतिशत से अधिक संपत्ति के मालिक ¨हदू थे। जैसे ही उन्होंने अपनी अस्मिता पर आए संकट से मुंह मोड़ा तो जिनके लिए संपत्ति का अर्जन किया था, उस बहू बेटी को भी खोया और उस स्थान से उनका अस्तित्व भी मिट गया। कुछ ऐसा ही अफगानिस्तान, इराक और ईरान के साथ भी हुआ। आज वहा ¨हदू का अस्तित्व ही मिट गया है। उन्होंने आगे कहा, जहा राम नहीं वहा राष्ट्र नहीं। इसकी व्याख्या स्वयं बाल्मीकि ने रामायण में की है। जहा-जहा से राम का नाम हटा, वहा से संस्कृति ही मिट गई। एक बार फिर विश्व ¨हदू परिषद् पर इस अस्मिता की रक्षा कर ¨हदुत्व के अस्तित्व का आंदोलन चलाने का महत्वपूर्ण दायित्व हिंदू संस्कृति की रक्षा का भार मिला है। अध्यक्षता विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पंचम सिंह ने की। बैठक में मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद झारखंड के संगठन मंत्री केशव राजू, क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र विमल, क्षेत्रीय अध्यक्ष रामस्वरूप रुंगटा, प्रात उपाध्यक्ष देवी प्रसाद शुक्ला, महानगर अध्यक्ष अजय अग्रवाल, समन्वय मंच प्रात प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल, भारत विकास परिषद् के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश प्रसाद, प्रात सत्संग प्रमुख युगल प्रसाद जी, नागेंद्र कुमार नंद, किशोर अग्रवाल, अमर प्रसाद हेमंत कुमार, कोकिला दास बेटी बचायो बेटी बढ़ाओ अभियान, फूल कुमारी, दुर्गा वाहिनी, कृष्ण कुमार झा, शिव शकर साहू सहित विहिप, भारतीय मजदूर संघ, विद्यार्थी परिषद् और सृजन हेल्प परिवार राची के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।