रांची, आशीष झा : देश-विदेश में ख्याति अर्जित कर चुकीं दो बड़ी स्टील कंपनियां वेदांता और अमलगम स्टील ने झारखंड में निवेश के लिए एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) करने का प्रस्ताव दिया है। लौह अयस्कों की बढ़ती कीमतों के बीच स्टील सेक्टर में निवेश का रुझान बढ़ा है और प्रदेश में निवेश के इस प्रस्ताव से उद्योग जगत में उत्साह का संचार भी हो रहा है। खासकर, कोरोना संक्रमण के कारण अर्थ व्यवस्था को हुए नुकसान के बाद इस कदम को सुधरते हालात से जोड़कर देखा जा रहा है।

दोनों कंपनियों के प्रस्ताव को हाई पावर कमेटी ने प्रारंभिक तौर पर स्वीकृति प्रदान कर दी है। माना जा रहा है कि ये कंपनियां शुरुआती तौर पर दो हजार करोड़ रुपये के करीब निवेश करेंगी। राज्य में इससे औद्योगिक माहौल तो सुधरेगा ही, रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

दोनों कंपनियों के प्रस्ताव पर हाई पावर कमेटी में चर्चा हुई है। चर्चा के बाद उद्योग विभाग की ओर से प्रस्ताव में कुछ आवश्यक संशोधन करने को कहा गया है। इसके बाद जल्द ही दोनों कंपनियां संशोधित प्रस्ताव उद्योग विभाग में जमा कराएंगी, जिसपर विचार किया जाएगा। वेदांता स्टील ने पूर्व में भी झारखंड सरकार के साथ एमओयू किया था और मोमेंटम झारखंड के दौरान कंपनी ने कई प्रस्ताव भी दिए थे। बाद के दिनों में वेदांता ने बोकारो स्थित इलेक्ट्रोस्टील लिमिटेड का भी अधिग्रहण कर लिया और अब ताजा प्रस्ताव इसी कंपनी की रीलांचिग से संबंधित है। दूसरी ओर, अमलगम स्टील ने प्रस्ताव दिया है और यह कंपनी अपना मुख्यालय सरायकेला खरसावां में रखने की तैयारी में है। दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि उद्योग विभाग के लगातार संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि एक महीने के अंदर दोनों कंपनियों के साथ एमओयू के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी जाएगी। इसके पीछे तर्क यह है कि दोनों कंपनियों के प्रस्ताव को शुरुआती तौर पर स्वीकृति दे दी गई है और कुछ मामूली संशोधनों के साथ कागजात उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। उद्योग विभाग दोनों कंपनियों के साथ एमओयू करने की तैयारियों में जुटा हुआ है।

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