रांची, जासं। प्रख्यात ज्योतिष एवं धर्म गुरु स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने कहा है कि वट सावित्री पूजा को लेकर महिलाओं के बीच संशय है। लोगों में भ्रम है कि यह 9 तारीख को मनाया जाएगा या 10 तारीख को। महाराज जी ने यह स्पष्ट किया है कि 10 तारीख को ही वट सावित्री पूजा मनाया जाएगा। उसी दिन सूर्य ग्रहण भी है। सूर्य ग्रहण को लेकर भी एक अलग संशय बनी हुई है कि यह भारत में दृश्यमान होगा या नहीं। यदि सूर्य ग्रहण दृश्‍यमान होगा तो वट सावित्री व्रत कैसे मनाया जाएगा।

स्वामी जी ने बताया कि इस बार सूर्य ग्रहण छाया ग्रह है जो भारत में दृश्यमान नहीं होगा। इसका किसी भी प्रकार का प्रभाव हमारे देश में नहीं पढ़ने जा रहा है। यहां तक कि हम सूतक भी नहीं मानेंगे। अतः ग्रहण को लेकर किसी प्रकार का संशय ना पालते हुए महिलाएं श्रद्धापूर्वक वट सावित्री व्रत का पूजन 10 तारीख को ही करें।

स्‍वामी जी ने कहा कि 15 दिनों के अंतराल में दो-दो ग्रहण का लगना यह अच्छा संकेत तो नहीं है। लेकिन यह स्थिति‍ देखने को मिल रही है। वैसे भी इस समय भारत ही नहीं वरन संपूर्ण विश्व में कई प्रकार के संकट के बादल छाए हुए हैं। ऐसी कठिन घड़ी में ईश्वर से त्राहिमाम क्षमा प्रार्थना करते हुए विश्व कल्‍याण हेतु सभी अपनी-अपनी प्रथा से प्रार्थना करें।

भारतीय समय अनुसार ग्रहण का समय

01.42 से 06.41

वट सावित्री पूजन का समय

अमावस्या दिन के 04 बजकर 22 मिनट तक रहेगा, पारण 11 जून को किया जाना चाहिए।

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