रांची, जासं। दुर्गा पूजा का उल्लास हर ओर छाया हुआ है। राज्य के हर क्षेत्र में लोगों का हुजूम पंडालों की ओर जा रहा है। रात-रातभर लोग पंडालों को नजदीक जाकर निहार रहे हैं। और निहारें भी क्यों न, इतने अनोखे और खूबसूरत पंडाल जो बने हैैं। कोई पंडालों के स्वरूप की तारीफ कर रहा है तो कोई पंडालों में की गई बारीक कारीगरी की। कलाकारों ने भी बड़े जतन से एक-एक चीज फोकस करते हुए अपनी सारी दिमागी ऊर्जा झोंक दी है।

बाहर के साथ अंदर भी पंडालों में जबरदस्त मेहनत की गई है। राजधानी रांची से लेकर धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, कोडरमा हर जगह एक से एक पंडाल बने हैं। कहीं चंद्रयान 2 का स्वरूप बना है तो कहीं संसद भवन। कहीं नवनिर्मित झारखंड विधानसभा तो कहीं ब्राह्मांड। आइए देखते हैं, इन्हीं में से कुछ चुनिंदा तस्वीरें।

रांची के कांके रोड में चंद्रयान टू की आकृति का बना पंडाल

रांची के रातू रोड पर आरआर स्‍पोर्टिंग क्‍लब का पंडाल रथ की आकृति का।

हजारीबाग के बरही में संसद भवन की आकृति का बना दुर्गा पूजा पंडाल

धनबाद के भूली बस्ती में चंद्रयान की आकृति का पंडाल।

रांची के हरमू में पंच मंदिर में बना पंडाल ब्रह़मांड की आकृति का है।

कोडरमा के सरमाटांड़ में चंद्रयान टू की आकृति का बना पंडाल

जमशेदपुर में बागबेड़ा लाल बिल्डिंग इलाके में बनाई गई लोटस टेंपल की अनुकृति।

रांची के कोकर में बना पंडाल केदारनाथ आपदा पर आधारित है।

धनबाद के भूली में ई ब्लाॅक में अभिनंदन की गाथा पर बना पंडाल।

दुमका में डंगालपाड़ा स्थित शिवमंदिर का पंडाल वैष्‍णव देवी मंदिर की आकृति का है।

धनबाद के मनईटांड़ में रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर की आकृति पर आधारित पूजा पंडाल।

पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड के खैरपैल गांव में 25 सिर और 50 हाथों वाली बनी देवी दुर्गा की प्रतिमा। इसे स्थानीय मूर्तिकार दीनबंधु पुराण ने बनाया है। पूजा का आयोजन उत्कल युवा आंगना ने किया है।

जमशेदपुर में सिदगोड़ा की पूजा कमिटी हिंदुस्तान मित्र मंडल द्वारा झारखंड विधानसभा के नए भवन की तर्ज पर बनाया गया पंडाल।

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