रांची, राज्य ब्यूरो। अब दो डोज की वैक्सीन लगने के बाद बारी बूस्टर डोज की है। झारखंड में भी सोमवार से हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के बीमार बुजुर्गों का बूस्टर अर्थात प्रिकाशन डोज का टीकाकरण शुरू हो गया है। ज‍िलों में इसकी पूरी तैयारी की गई है। लगभग 12 लाख लोगों को निर्धारित समय पर बूस्टर डोज लगनी है। जिनका बूस्टर डोज लेने का समय आ गया है उन्हें आठ जनवरी से ही मैसेज भेजकर सूचित किया जा रहा है।

दूसरी डोज के नौ महीने बाद बूस्‍टर डोज

जिन लोगों को दूसरी डोज की वैक्सीन लिए नौ माह अर्थात 34 सप्ताह हो चुका है वे बूस्टर डोज ले सकेंगे। बूस्टर डोज लेने के लिए पहली या दूसरी डोज की तरह निबंधन कराने की आवश्यकता नहीं है। जिन लोगों को बूस्टर डोज का टीका लगना है वे आनलाइन अप्वाइंटमेंट के साथ-साथ वे सीधे किसी भी कोविड टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लगवा सकते हैं।

60 वर्ष से अधिक के लोगों को प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं

वहीं, 60 साल या इससे अधिक आयु के नागरिकों को बूस्टर डोज के लिए चिकित्सक का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की भी जरूरत नहीं है। हालांकि ऐसे व्यक्तियों को तीसरी खुराक लेने से पहले चिकित्सक से सलाह लेने को कहा गया है। वैक्सीन की बूस्टर डोज वही वैक्सीन होगी जो पहले दो डोज में दी गई थी। मतलब यह कि जिन लोगों को पहले कोवैक्सीन लगी है, उन्हें कोवैैक्सीन तथा जिन्हे कोविशील्ड लगी है उन्हें कोविशील्ड लगाई जाएगी। राज्य सरकार ने सभी सदर अस्तपालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा अन्य केंद्रों पर बूस्टर डोज के टीकाकरण के निर्देश सभी जिलों को दिए हैं।

1.88 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स व 3.23 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स ले चुके हैं दोनों डोज

राज्य में हेल्थ केयर वर्कर्स तथा फ्रंटलाइन वर्कर्स की संख्या क्रमशः 2,09,658 तथा 3,68,691 है। इनमें 1.88 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स तथा 3.23 लाख फ्रंट लाइन वर्कर्स दोनों डोज का टीका ले चुके हैं। इनमें से वैसे हेल्थ केयर व फ्रंटलाइन वर्कर्स जो नौ माह पूर्व दूसरी डोज ले चुके हैं हैं वे बूस्टर डोज लेने की अर्हता रखते हैं।

32 लाख हैं 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक, 6.50 लाख बीमार

राज्य के 60 वर्ष से अधिक आयु के 32,31,563 बुजुर्गों में वैसे बुजुर्गों को भी प्रिकाशन डोज अर्थात बूस्टर डोज लगाई जाएगी जो किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं। लगभग 6.50 लाख बुजुर्ग ऐसे हैं जो किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं। वर्तमान में 14.89 लाख बुजुर्ग ऐसे हैं जो दोनों डोज का टीका ले चुके हैं।

Edited By: M Ekhlaque