रांची, जेएनएन। Uddhav Thackeray Resigns शिवसेना में अबतक की सबसे बड़ी बगावत के बाद आखिरकार बुधवार को महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपना इस्‍तीफा दे दिया है। राज्‍यपाल द्वारा 30 जून को फ्लोर टेस्‍ट कराने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद उन्‍होंने यह फैसला लिया। इस बीच झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री और भाजपा व‍िधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने महाराष्‍ट्र राजनीतिक संकट और उद्धव ठाकरे पर बड़ा बयान दिया है। भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में जिस तरीके से उद्धव ठाकरे सरकार का पतन हुआ, उससे यह साबित हो गया है कि लोकतंत्र में किसी राजनीतिक पार्टी को पूर्वजों की विरासत बनाकर राजशाही हुकूमत की तरह मनमाने तरीके से बहुत दिनों तक नहीं चलाया जा सकता। राजा का बेटा राजा, पोता के राजकुमार बनने के दिन लद रहे हैं।

बाबूलाल मरांडी ने ट्विटर पर लिखे इस संदेश के जरिये झारखंड के मुख्‍यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी प्रमुख हेमंत सोरेन को सीधी नसीहत दी है। रोज अपने ट्वीट से सीएम पर हमला बोल रहे भाजपा नेता ने कहा कि उद्धव ठाकरे का इस्‍तीफा हमें लोकतंत्र की मजबूती का पाठ पढ़ा रहा है। परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली पार्टियों के लिए यह बड़ा सबक है। बहुत दिनों तक किसी की मनमानी नहीं चल सकती। उन्‍होंने कहा कि राजा का बेटा राजा ही बनेगा ऐसा अब नहीं चलने वाला।

बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को लिखी चिट्ठी

पूर्व मुख्‍यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आदिवासी जमीन को माफियाओं के कब्जे से मुक्‍त कराने की अपेक्षा रखी है। भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री कार्यालय में काम करने वाले एक कंप्यूटर सहायक शहनबाज अंसारी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह बार-बार थाना में फोन कर आपके नाम की धौंस दे रहा है। जिससे पुलिस वाले दबाव में हैं। बाबूलाल ने रांची के बड़गाई मौजा के एक आदिवासी परिवार की पैतृक जमीन का जिक्र करते हुए लिखा है कि भुइंहरी पहनई खतियानी भूमि का जाली दस्तावेज बनाकर जमीन माफिया ने आदिवासी जमीन पर पहले बलपूर्वक कब्जा कर लिया। इसके बाद इस जमीन को किसी और के हाथों बेच दिया। पीड़िता चंचला मुंडा का कहना है कि 1.78 एकड़ जमीन उसकी पैतृक संपत्ति है।

यह जमीन भुइंहरी पहनई किस्म की है, बावजूद इस पर भूमि माफिया यासिन हामिद यूसूफ अंसाीर, मकसूद असलम, राजू मंडल ने कब्‍जा कर लिया है। जमीन पर विकास कार्य कराने के नाम पर सादा कागज पर हस्ताक्षर कराने और जमीन का जाली दस्तावेज बनाकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। बाबूलाल ने कहा कि आदिवासी मुख्‍यमंत्री के होते आदिवासियों की जमीन पर कब्‍जा किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। महिला का आवेदन पढ़ने से लग रहा है कि एक सीधे-सादे आदिवासी परिवार की जमीन को साजिश के तहत जमीन माफिया हड़पना चाह रहे हैं। इस कृत्‍य में मुख्‍यमंत्री कार्यालय में पदस्थापित कर्मचारी शहनबाज अंसारी माफिया का सहयोग कर रहा है। मरांडी ने इस मामले में जालसाज जमीन दलालों पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन से किया है।

Edited By: Alok Shahi