रांची, जासं । रांची के रिम्स परिसर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में एफआइआर दर्ज कर ली गई है। इस मामले में दो मेडिकल छात्रों को नामजद आरोपित बनाया गया है। इनमें छात्र आयुष कुमार और आदर्श केडिया शामिल हैं। अब इनकी गिरफ्तारी के लिए रिम्स हॉस्टल में पुलिस छापेमारी करेगी। दोनों के खिलाफ ड्रग इंस्पेक्टर रामकुमार झा की ओर से  एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जिसमें बताया गया है कि बिना वैध लाइसेंस के कोई भी दवा तक खरीद या बिक्री नियम के विरुद्ध है। इसके अलावा ऊंची कीमतों पर बेचकर कालाबाजारी की जा रही थी। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वीडियो के वायरल होने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर और बरियातू थाने की पुलिस के द्वारा इसका सत्यापन किया गया। सत्यापन के बाद दोनों छात्रों की भूमिका सामने आई। इसके बाद एफआइआर दर्ज की गई। पुलिस अब छात्रों की तलाश कर रही है।

32 हजार में रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने की हो रही थी डील

तीन दिन पहले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबजारी का वीडियो वायरल हुई थी।  जिसमें एक युवक रेमडेसिविर इंजेक्शन को 32 हजार रुपये में बेचने की बातचीत करता दिखा है। जिसमें वह कह रहा है कि तुमने जिस नंबर से बातचीत की है उसके लिए मैं डिलीवरी देने के लिए आया हूं।  इसमें मेरा कुछ भी नहीं है, जितना पैसा मांग रहा हूं मुझे दो। इस पर दवा के खरीदार मांगी गई कीमत का आधा रकम भी देता है। लेकिन पूरे पैसे नहीं देने की वजह से तोलमोल मोल होती रही। हालांकि वीडियो में इंजेक्शन की डिलीवरी नहीं दिखी है।  वीडियों वायरल होने के बाद बरियातू पुलिस मामले की जांच की।

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