रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड के चार जिले रांची, धनबाद, जमशेदपुर व बोकारो की तरह ही अन्य सभी 20 जिलों में एक-एक डीएसपी को सड़क सुरक्षा एव यातायात संबंधित मामलों के लिए नोडल पदाधिकारी बनाया जा रहा है। कुछ जिलों में डीएसपी मुख्यालय तो कहीं-कहीं डीएसपी सीसीआर को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इससे संबंधित प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय ने गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव को भेजा है। राज्य स्तर पर नोडल अफसर की जिम्मेदारी जंगल वारफेयर स्कूल नेतरहाट के डीआइजी को दी गई है जो एडीजी अभियान के माध्यम से डीजीपी को अपनी रिपोर्ट देंगे।

गृह विभाग जारी करने जा रहा आदेश

जानकारी के अनुसार, इस मामले में गृह विभाग से बहुत जल्द ही आदेश जारी होने वाला है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सख्ती बरती जा सके। सड़क हादसों को रोकने से लेकर नियम तोड़ने वालों तक पर कार्रवाई के लिए ही डीएसपी को यह जिम्मेदारी दी जा रही है। उनके पास सड़क दुर्घटना के घायलों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने से लेकर इस कार्य में सहयोग करने वाले आम व्यक्ति को इनाम दिलाने तक का भी जिम्मा रहेगा।

डीएसपी को बनाया गया नोडल अधिकारी

राज्य के सभी 20 जिलों में भी यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने में हो रही परेशानी को देखते हुए ही यह व्यवस्था की जा रही है। यातायात नियम तोड़ने वालों से जुर्माना वसूलने व नियम का सख्ती से पालन कराने के लिए ये डीएसपी अपने स्तर से ठोस कदम उठाएंगे। अपने तरीके से चेकिंग लगाने के साथ-साथ जरूरी उपकरण आदि की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी डीएसपी की होगी।

Edited By: M Ekhlaque