रांची, जासं। राजधानी रांची समेत राज्यभर में रविवार को ईद उल फितर का चांद नजर आने की उम्मीद है। इसलिए ईद उल फित्र सोमवार को मनायी जाएगी। एदारा ए शरिया और इमारत ए शरिया ने इसका एलान कर दिया है। एदारा ए शरिया की डोरंडा रिसालदार बाबा दरगाह में हुई बैठक में इसका ऐलान किया गया। महासचिव मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने बताया कि शनिवार को चांद देखने को लेकर राज्यभर में 55 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन किसी भी केंद्र से चांद देखने की खबर नहीं आयी है।

इसके बाद बैठक में तय किया गया कि ईद उल फित्र की नमाज सोमवार को अदा की जाएगी। लोगों से अपील की गई कि वह लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में नफिल नमाज अदा करें। वहीं मस्जिदों में इमाम, मौजिन समेत पांच लोग ईद उल फित्र की नमाज पढ़ें। बैठक में कोरोना वायरस से निजात के लिए दुआ भी की गई। मौलाना अलकमा शिबली की सदारत में हुई बैठक में अकीलुर्हमान, हाफिज मोजिब, मौलाना ताजुद्दीन, अब्दुल मोबिन समेत अन्य शामिल रहे।

ईद की तैयारी में जुटे लोग, विशेष पकवानों के लिए हुई खरीदारी

शनिवार की शाम रोजेदारों ने मोहल्ले की दुकानों से ही अपनी जरूरत का सामान खरीदा। वहीं लोग घरों में ईद की तैयारी को लेकर जुट गए। घरों की साफ-सफाई और सजाने के लिए महिलाएं देर रात तक जुटी रहीं। इसमें घर के पुरुषों ने भी उनका साथ दिया। लॉकडाउन से पहले खरीदे गए पर्दे आदि लगाए गए। ईद के दिन पकवान बनाने के लिए महिलाओं ने तरह-तरह की रेसिपी भी तैयार कर ली है। रविवार की शाम से ही वह पकवान बनाने में जुट जाएंगी। लॉकडाउन की वजह से शहर में कपड़े, जूते आदि की दुकानें नहीं खुली है। यहां तक कि बाजार भी नहीं लगे हैं। इस वजह से इस बार लोगों ने पुराने कपड़े में ही ईद मनाने का मन बना लिया है। शॉपिंग के पैसों को जरूरतमंदों के बीच बांट दिया गया।

फोन व व्हाट्सएप पर दी मुबारकबादी 

लॉकडाउन की वजह से लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। चांद नजर नहीं आने के बाद शनिवार की शाम से ही ईद की मुबारबादी का सिलसिला शुरू हो गया। व्हाट्सएप और फोन के जरिए लोग अपने रिश्तेदार और दोस्तों को ईद उल फित्र की मुबारकबादी दी। साथ ही गलतियों की भी माफी मांगी।

मस्जिद से चांद नहीं नजर आने का हुआ ऐलान

रांची के तकरीबन सभी इलाके की मस्जिदों से चांद नजर नहीं आने का ऐलान किया गया। माइक से यह भी कहा गया कि वे 25 मई को मस्जिदों में ईद की नमाज सिर्फ पांच लोग ही पढ़ेंगे। बाकी लोग अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा करेंगे। इस दौरान लॉकडाउन का पालन करने की भी अपील की गई। 

मुहल्ले में ही खरीदा जरूरत का सामान

चांद नजर नहीं आने के बाद मुस्लिम बहुल इलाकों के लोग मुहल्ले के गरीब और जरूरतमंदों के बीच जकात व फिरता की रकम अदा की। उनसे गुजारिश की कि वह इस रकम से अपने घरों में ईद मनाएं। वहीं कुछ संस्थाओं की ओर से ईद के किट का भी वितरण किया गया।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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