गढ़वा, जागरण संवाददाता। झारखंड के गढ़वा जिले के गढ़वा थाना क्षेत्र के सुखबाना गांव में बुधवार की रात हुई तीन हत्याओं को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। गुरुवार की सुबह में गढ़वा थाना पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर मृतक के स्वजनों को सौंप दिया। इसके पश्चात मृतकों के स्वजन ने उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। पुलिस के अनुसार गुरुवार को दिन के दो बजे तक मृतकों के स्वजनों द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन नहीं दिया गया था। फिर भी मृतक विमल सिंह की हत्या में शामिल अपराधियों की धर-पकड़ को लेकर बुधवार की रात में पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी है। साथ ही माब लिंचिंग के शिकार बने दो अपराधियों के मामले में भी पुलिस ने अपने स्तर से तहकीकात की है।

रात में आठ बजे अपराधियों ने गोली मार दी

सुखबाना गांव में भूमि विवाद को लेकर बुधवार की रात करीब आठ बजे अपराधियों ने विमल सिंह पिता स्व.कामेश्वर सिंह की गोली मार कर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। बाद में सदर अस्पताल से रेफर होकर इलाज के लिए रिम्स रांची ले जाने के क्रम में विमल सिंह की मौत हो गई थी। जबकि विमल सिंह को गोली मारे जाने की घटना से आक्रोशित होकर ग्रामीणों की भीड़ ने घटना को अंजाम देकर भाग रहे अपराधियों में से गढ़वा थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव के टांड़ीपर टोला वार्ड नंबर तीन निवासी कृष्णा पासवान पिता नरेश राम तथा सुखबाना गांव के संतोष चंद्रवंशी पिता रेखा राम को पकड़ कर पत्थर से कुचल हत्या कर दिया था। इस घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को घटनास्थल से उठाकर बुधवार की रात में ही सदर अस्पताल ले आई थी। जबकि विमल सिंह के शव को बुधवार की रात में ही पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया गया था।

मेडिकल बोर्ड ने किया शवों का पोस्टमार्टम

गुरुवार को मेडिकल बोर्ड द्वारा तीनों शवों का पोस्टमार्टम किया गया। मेडिकल बोर्ड में डा. संजय कुमार, डा. आरएस सिंह व डा. टी पीयूष शामिल थे। मेडिकल बोर्ड में शामिल एक चिकित्सक के अनुसार विमल सिंह को सिर्फ एक गोली सीने में लगी थी। बुलेट उसकी पीठ में जाकर फंसा था। जबकि कृष्णा पासवान व संतोष चंद्रवंशी के सिर को कुचल दिया गया था। उन दोनों के शरीर के अन्य हिस्से में चोट नहीं लगी थी।

Edited By: M Ekhlaque