गुमला, जासं। गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र के लूटो गांव में शनिवार की रात एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्‍या कर दी गई। बंधन उरांव (60) ,उसकी पत्नी सोमवारी देवी (55) व बहू बासमुनी देवी (35) की हत्या डायन बिसाही का आरोप लगाते हुए उसके भतीजे विपला उरांव ने लोहे के पाइप से मारकर कर दी। बासमुनी देवी के दोनों बच्चे कमरे में सोए थे और बाहर से दरवाजा बंद था। इस कारण दोनों बच्चों की जान बच गई। हत्या के आरोप में पुलिस ने विपला उरांव को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल लोहे का पाइप भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

विपला उरांव ने अपने खेत में लौकी की फसल लगाई थी। उस फसल को चूहा ने बर्बाद कर दिया। लेकिन उस फसल को बर्बाद करने व जादू टोना कर उसे पागल बनाने का आरोप अपनी चाची सोमवारी देवी पर लगाते हुए विपल उरांव ने पहले शनिवार की शाम चाची व चाचा से झगड़ा किया, फिर उसकी हत्या रात में कर दी। पत्नी को बचाने के लिए जब बंधन उरांव ने प्रयास किया तो उसकी भी हत्या कर दी गई। शोरगुल की आवाज सुनकर बहू बासमुनी देवी दूसरे कमरे से दौड़ कर आई, तो हत्यारे ने उसे भी नहीं छोड़ा और उसे भी लोहे के पाइप से मारकर आंगन में ही मौत के घाट उतार दिया।

विपल की इस हरकत को देखकर विपल के भाई-भाभी घर छोड़कर भाग गए। क्योंकि सबसे पहले विपला का झगड़ा अपने बड़े भाई जलहू उरांव के साथ हुआ था। तब जलहू की पत्नी ने बीच बचाव कर अपने पति जलहू को वहां से भगाया। उसके भागने के बाद विपला ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। बंधन उरांव का बेटा बाल कृष्णा उरांव चेन्नई में मजदूरी करने गया है और दूसरा बेटा प्रदीप हिमाचल प्रदेश में मजूदरी करता है। प्रदीप की पत्नी भी अपने मायके में है। इस कारण उसकी भी जान बच गई।

इस कारण हुई तीन लोगों की हत्या

विपला उरांव व बंधन उरांव का परिवार एक ही गांव में एक ही स्थान पर बने पांच से सात कमरों के घर में रहता है। बंधन उरांव की पत्नी सोमवारी झाड़-फूंक व दाई का काम करती थी। सोमवारी से झाड़-फूंक कराने व देसी दवा लेने के लिए दूसरे गांव से भी लोग उसके घर आते थे। विपला उरांव व बंधन उरांव के बीच जमीन विवाद को लेकर भी दो वर्ष पहले झगड़ा हुआ था। इसके बाद कई बार बीच-बीच में अक्सर दोनों परिवारों के बीच झगड़ा होता रहा।

बंधन उरांव के भाई बंधु उरांव ने बताया कि विपला उरांव नौ सितंबर को मजदूरी के लिए तमिलनाडु गया था, लेकिन उसके पागलपन जैसी हरकत करने के कारण उसे काम पर नहीं रखा गया और वह विश्वकर्मा पूजा के दिन 17 सितंबर को वापस गुमला आ गया। गांव आने के बाद विपला ने अपनी चाची सोमवारी को डायन बताया और कहा कि उसने ही उसे पागल बना दिया है और उसके खेत में लगी लौकी की फसल को जादू टोना कर बर्बाद कर दिया है।

जलहू की पत्नी नीलादेवी ने बताया कि रात में जलहू व विपला दोनों ने शराब का सेवन किया। इसी दौरान दोनों भाइयों में झगड़ा हो गया। तब विपला ने अपने भाई जलहू की पिटाई कर दी। पिटाई से बचने के लिए उसने भाई से कहा कि उसने उसकी फसल बर्बाद नहीं की है। किसी ने जादू टोना कर फसल को बर्बाद कर दिया होगा। यह कह कर वह अपनी जान बचा कर वहां से भाग गया और उसके पीछे उसकी पत्नी भी घर छोड़कर वहां से भाग गई। इसके बाद विपला ने अपने चाचा, चाची व भाभी की हत्या आंगन में ही कर दी।

दोनों बच्चों को रखा गया है मायके में

हत्या की सूचना पर बासमुनी के मायके वाले आधी रात को लूटो गांव पहुंचे और बासमुनी की बेटी ज्ञानी (5) व बेटा ज्ञान (2) को अपने साथ मायके ले गए। पुलिस के आने के बाद ग्रामीण एकजुट हुए। रात में ही पुलिस ने तीनों शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है। सोमवारी की बेटी भी सीधे पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। उसका कहना है कि उसकी मां जादू-टोना नहीं करती थी। वह तो दाई का काम करती थी और गैस व पेट दर्द की देशी दवा लोगों को देती थी। लौकी की फसल तो चूहों ने बर्बाद की है।

'डायन-बिसाही का आरोप लगाकर विपला उरांव ने अपनी चाची, चाचा व भाभी की हत्या लोहे के पाइप से मारकर शनिवार की रात कर दी थी। विपला पागलपन जैसी हरकत कर रहा था। इसके कारण उसे तमिलनाडु से बिना मजदूरी किए ही लौटना पड़ा। अपनी चाची पर उसे पागल करने का आरोप लगाते हुए विपला ने एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी।' -मनीषचंद्र लाल एसडीपीओ, गुमला

Edited By: Sujeet Kumar Suman