रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड सरकार ने अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले तीन चिकित्सा पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। ये सभी पलामू जिले के अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात थे। जिन चिकित्सकों पर कार्रवाई हुई है, उनमें पलामू के विश्रामपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डा. विकास कुमार, हरिहरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलामू की डा. लवलीन पांडे तथा लेस्लीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डा. श्वेता कुमारी शामिल हैं।

राज्य सरकार ने इन तीनों चिकित्सा पदाधिकारियों को बर्खास्त करने एवं झारखंड में इनके निबंधन को रद करने की कार्रवाई का निर्णय लिया है। राज्य में अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों के विरुद्ध पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। दरअसल डा. विकास कुमार 13 सितंबर 2017 से अब तक अपने कर्तव्य स्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थे। इसी तरह, डा. लवलीन पांडेय तथा डा. श्वेता कुमारी क्रमश: छह अक्टूबर 2017 तथा 30 जनवरी 2018 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित थीं।

इन तीनों चिकित्सा पदाधिकारियों से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों से अनधिकृत रूप से ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों की सूची मंगाई है। ऐसे चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांग कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। राज्य में पहली बार ऐसे चिकित्सकों का निबंधन भी रद किया जा रहा है। अभी तक उनकी बर्खास्तगी की ही कार्रवाई की जाती थी।

192 लोगों ने कराया टीकाकरण

गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सत्संग सभा एवं गुरुनानक सेवक जत्था द्वारा रविवार को आयोजित कोविड-19 वैक्सीनेशन कैंप में 192 लोगों को कोविशिल्ड का टीका लगाया गया। कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित गुरुनानक भवन परिसर में सुबह 11:30 बजे वैक्सीनेशन कैंप की शुरुआत हुई। इसमें महिलाओं एवं बुजुर्गों को विशेष प्राथमिकता दी गई।

Edited By: Sujeet Kumar Suman