पलामू, मृत्युंजय पाठक: नवीनगर और टंडवा सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन में कोयले की आपूर्ति की सुविधा बढ़ाने और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) फीड र लाइन तैयार करने के लिए पतरातू से सोनगर के बीच तीसरी रेल लाइन बिछाई जा रही है।  इस रेल लाइन का निर्माण सितंबर, 2022 में ही हो जाना था। पहले कोरोना और बाद में पलामू टाइगर रिजर्व से एनओसी नहीं मिलने के कारण इसमें देरी हुई।

अब पीटीआर के औरंगा से केचकी के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए एनओसी मिल गई है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में थर्ड रेल निर्माण का गतिरोध समाप्त हो जाएगा और रेलवे लाइन का निर्माण कार्य पूरा होगा। पांच पैकेज में हो रहे थर्ड रेल लाइन के निर्माण के लिए मोदी सरकार ने 2015 में ही मंजूरी दी थी।

4500 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को रेल विकास निगम पांच पैकेज में बांटकर काम करा रहा है।  पीटीआर कोर एरिया  रेलवे के सीआइसी सेक्शन कोयले की आपूर्ति के लिए जाना जाता है। यह डबल रेल लाइन है। इसके समानांतर पतरातू-सोनगर के बीच एक अलग रेल लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन पीटीआर होकर गुजरेगी।

पैकेज तीन के तहत औरंगा से केचकी के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर रेल लाइन के लिए एनओसी नहीं मिली थी। अब जबकि मंजूरी मिल गई है, तब रेल विकास निगम ने पटरी बिछाने की तैयारी शुरू कर दी है। डेढ़ किमी पटरी बिछाने के बाद बरवाडीह से गढ़वा रोड के बीच लाइन तैयार हो जाएगी। इस लाइन के बड़े हिस्से में ट्रायल और सीआरएस भी हो गया है।

छिपादोहर से हेहेगड़ा के बीच 11 किमी रेल लाइन निर्माण को लेकर चल रहे गतिरोध को दूर करने पर सहमति बन गई है। यहां पर पहले से तैयार प्रोजेक्ट से अलग डायवर्ट कर पटरी बिछाई जाएगी। इससे करीब 3 किमी दूरी बढ़कर 14 किमी हो जाएगी। वन्य जीवों के संरक्षण के मद्देनजर झारखंड वाइल्डलाइफ बोर्ड ने पीटीआर में प्रोजेक्ट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इस कारण गतिरोध उत्पन्न हो गया।

पीटीआर निदेशक कुमार आशुतोष ने बताया कि रेल विकास निगम से छिपादोहर से हेहेगड़ा के बीच रेल लाइन डायवर्सन प्लान मांगा गया है। इस प्लान के आधार पर पटरी बिछेगी।  सोननगर में डीएफसीसी से देश में रेलवे से माल ढुलाई के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर का निर्माण हो रहा है। ईस्टर्न डीएफसी का निर्माण लुधियाना से दानकुनी के बीच हो रहा है। इस सेक्शन पर सोननगर में जाकर थर्ड रेल लाइन जुड़ जाएगा। इसी कारण इस लाइन को डीएफसी फीडर लाइन भी कहा जा रहा है। यह लाइन रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार, पलामू और औरंगाबाद होकर गुजरेगा।

Edited By: Mohit Tripathi

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