रांची, राज्य ब्यूरो। सरकारी स्कूलों के कई शिक्षक ई-विद्यावाहिनी कार्यक्रम के तहत टैब बायोमीट्रिक उपस्थिति में छेड़छाड़ कर रहे हैं। शिक्षकों की उपस्थिति के आंकड़ों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है। शिक्षक अपने मोबाइल के समय और तिथि में हेरफेर कर यह फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने इसे गंभीर एवं दंडनीय अपराध बताते हुए ऐसे शिक्षकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की बात कही है।

निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों तथा जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि शिक्षक स्कूल प्रांगण से ही प्रतिदिन टैब से उपस्थिति दर्ज कराएं। यदि टैब में कोई खराबी आ जाती है तो इसे अविलंब विद्यालय अनुदान की राशि से ठीक कराया जाए। मरम्मत के दौरान या किसी अन्य कारण से मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट हट जाता है, तो शिक्षक तुरंत इसकी सूचना जिला को दें तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक राज्य मुख्यालय से समन्वय कर मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट इंस्टॉल कराएं।

जिन स्कूलों को टैब नहीं दिए गए हैं, उनके शिक्षकों को मोबाइल का डेट और टाइम आटोमेटिक मोड में रखते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया है। इसके बावजूद उपस्थिति में छेड़छाड़ पाई गई तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

अभी तक टैब वापस नहीं

स्कूलों को दिए गए टैब अभी तक वापस नहीं हुए हैं, न ही उससे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का वीडियो हटा है। बता दें कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो कई बार स्कूलों को दिए गए टैब से मुख्यमंत्री रघुवर दास का वीडियो हटाने की बात कह चुके हैं। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिया है।

Posted By: Alok Shahi

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