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रांची के संत जेवियर्स कॉलेज में शुरू हुई एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई, ईस्ट जोन में बना पहला कॉलेज

Published: Wed, 23 Sep 2026 08:30 AM (IST)

रांची का संत जेवियर्स कॉलेज पूर्वी क्षेत्र का पहला संस्थान बन गया है जिसने नई शिक्षा नीति के तहत एक ...और पढ़ें

एनइपी के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गयी है पीजी की पढ़ाई।

एनइपी के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गयी है पीजी की पढ़ाई।

दिवाकर सिंह, रांची। नई शिक्षा नीति के तहत झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक की पढ़ाई चल रही है। हालांकि, इसके बाद एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई अभी तक कहीं शुरू नहीं हो पायी थी। अब रांची का संत जेवियर्स कॉलेज ईस्ट जोन का पहला ऐसा कॉलेज बन गया है, जहां एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई शुरू की गयी है।

कई विषयों में नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है। कॉलेज ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा कर एक मिसाल कायम की है।

संत जेवियर्स में शुरू हुई एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई

संत जेवियर्स कॉलेज ईस्ट जोन का पहला ऐसा कॉलेज बन गया है, जहां एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई शुरू हुई है। नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 18 सितंबर से एक वर्षीय पीजी की कक्षाएं भी शुरू हो गयी हैं।

कॉलेज की ओर से 12 अलग-अलग विषयों में एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई शुरू की गयी है। मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय में अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र शामिल हैं।

वहीं, विज्ञान संकाय में रसायनशास्त्र, गणित, वनस्पति विज्ञान, जूलॉजी और जियोलॉजी शामिल हैं। इसके अलावा कॉमर्स विषय में भी एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई शुरू की गयी है। सभी विषयों में कुल 570 सीटों पर कॉलेज ने नामांकन लिया है।

रांची विश्वविद्यालय में भी अगले सत्र से एक वर्षीय पीजी की तैयारी

वहीं, रांची विश्वविद्यालय में भी अगले सत्र यानी 2027 से एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है। विश्वविद्यालय की ओर से एक वर्षीय पीजी की पढ़ाई से संबंधित पूरी तैयारी कर ली गयी है। कोर्स के साथ सिलेबस भी तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा नामांकन के लिए सीटों की संख्या भी तय कर ली गयी है।

एक वर्षीय पीजी करने से ये होंगे फायदे

  • एक साल की अवधि होने के कारण छात्र एक साल पहले ही जॉब मार्केट या अपने पेशेवर करियर में प्रवेश कर सकते हैं।
  • कम अवधि तक पढ़ाई करने से ट्यूशन फीस और रहने-खाने का खर्च बच सकता है, जिससे निवेश पर रिटर्न जल्दी मिल सकता है।
  • यह पाठ्यक्रम छात्रों को आधुनिक और उद्योग की मांग के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर देता है।

क्या कहते हैं प्राचार्य

स्नातक सत्र को समयबद्ध सीमा में पूरा कर एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में नामांकन प्रारंभ करना कॉलेज के अकादमिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। ईस्ट जोन का यह पहला कॉलेज है, जहां एक वर्षीय स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू हुई है।
— डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर एसजे, प्राचार्य, संत जेवियर्स कॉलेज, रांची