सोमा मुंडा हत्याकांड: गिरफ्तारी न होने से आदिवासी समाज में उबाल, 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान<br/>
खूंटी में दिवंगत पड़हा राजा सोमा मुंडा को श्रद्धांजलि दी गई। सभा में अबुआ झारखंड पार्टी सहित कई आदिवासी संगठनों ...और पढ़ें
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HighLights
दिवंगत सोमा मुंडा को खूंटी में श्रद्धांजलि सभा आयोजित।
जमीन दलालों पर हत्या का आरोप, गिरफ्तारी की मांग।
न्याय हेतु 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान।
जागरण संवाददाता, खूंटी। खूंटी सदर प्रखंड के हुटार स्थित जियारप्पा जतरा मैदान में सोमवार को अबुआ झारखंड पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष व पड़हा राजा दिवंगत सोमा मुंडा की स्मृति में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर दिवंगत सोमा मुंडा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम से पूर्व जियारप्पा मैदान में विधि विधान के साथ पत्थलगड़ी की गई, जिसमें शिलापट पर दिवंगत सोम मुंडा का नाम अंकित किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में अबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष रिलन होरो, आदिवासी महासभा के संयोजक पूर्व मंत्री देव कुमार धान, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, भारत आदिवासी पार्टी के प्रेम शाही मुंडा, आदिवासी सरना समिति के फूलचंद तिर्की, आदिवासी समन्वय समिति के चंद्र प्रभात मुंडा, फ्रैंकलिन धान, दुर्गावती ओड़ेया, निशा भगत, मार्शल बारला, ज्योत्सना केरकेट्टा, योगेश राम वर्मा समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि दिवंगत सोमा मुंडा निर्भय, संघर्षशील और जनपक्षधर नेता थे।
उन्होंने जीवन पर्यंत समाज को संगठित करने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का कार्य किया। शिक्षा, रोजगार, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनका संघर्ष सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका आकस्मिक निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने दावा किया कि सोमा मुंडा की हत्या जमीन दलालों द्वारा कराई गई है। आरोप लगाया गया कि पुलिस प्रशासन जमीन दलालों को बचाने में जुटा हुआ है।
17 जनवरी को झारखंड बंद का ऐलान
श्रद्धांजलि सभा के दौरान आदिवासी समन्वय समिति ने पड़हा राजा सोमा मुंडा के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर आगामी 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान किया। समिति ने बताया कि प्रशासन को पहले ही 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या संतोषजनक जानकारी सामने नहीं आई है।
आयोजन समिति ने प्रशासन की कथित लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बंद जनता की आवाज को मजबूती देने और न्याय की मांग को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
