जागरण संवाददाता, रांची : दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका प्रज्ञा महाला ने कहा कि मातृभूमि की सुरक्षा के लिए बहनों को दुर्गा रूप धारण करना होगा। मातृभूमि व भारतीय संस्कृति की रक्षा ही परम धर्म है। गो, गंगा, माता, मठ -मंदिर व गीता हमारी सास्कृतिक धरोहर है, इसकी रक्षा हर भारतीय का कर्तव्य है। समस्त माताओं को अपने कर्तव्य का बोध होना चाहिए। वे शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में बोल रही थीं। इसका आयोजन विश्व हिदू परिषद दुर्गा वाहिनी की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार से घर फलता-फूलता व सुरक्षित दिखाई दिया करता था। परंतु हम जब से एकल परिवार की ओर अग्रसर हो रहे हैं, हम स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं। छोटा परिवार से समाज व देश भी असुरक्षित महसूस कर रहा है। समाज, धर्म व राष्ट्र की सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है। भारतीय संस्कृति व हिंदुत्व का भाव घर से एवं बचपन से ही जगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लव-जिहाद हिदू संस्कृति को नष्ट करने की साजिश की एक कड़ी है। हिदू बहनों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसे समझना होगा एवं प्रतिकार करना होगा।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मानव सेवा संस्थान की साध्वी माता अश्रि्वनी ने कहा कि इच्छाओं को हरि के प्रति लगाना चाहिए, जिससे जीवन सार्थक होता है। नारीशक्ति, महाशक्ति का द्योतक है। नारी अपने पराक्रम से सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक जागरण व सास्कृतिक धरोहर की रक्षा में अहम भूमिका निभाती रही है।

शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवती, महिलाएं व विश्वहिदू परिषद के कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से मेयर आशा लकड़ा, महिला समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष उषा पाडेय, मानव सेवा संस्थान के साध्वी नीता बाई, मातृशक्ति प्रात प्रमुख शीला त्रिपाठी, प्रात सहप्रमुख दीपा रानी कुंज, विहिप महानगर अध्यक्ष प्रवीण लोहिया, विभाग सहमंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, विभाग बजरंग दल संयोजक अमर प्रसाद, महानगर उपाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल, महानगर मंत्री रविशकर राय, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, स्वामी दिव्यानंद, प्रात मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, अर्चना सिंह आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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