रांची, राज्य ब्यूरो। Single Use Plastic Ban पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके सिंगल यूज प्लास्टिक पूरे देश की तर्ज पर झारखंड में भी प्रतिबंधित किया गया है। एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित होगा। फिलहाल इसके दायरे में 19 आइटम को लाते हुए इन पर बैन लगाया गया है। 31 दिसंबर 2022 से 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैगों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

हमारे हित के लिए है सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध

झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन एके रस्तोगी कहते हैं कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध हमारे हित के लिए है। प्लास्टिक पूरे इको सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। मिट्टी-पानी सब खराब हो रहा है। फर्क पड़ रहा है और दिख भी रहा है। प्लास्टिक को रोकना ही होगा। वे कहते हैं कि बांग्लादेश और ताइवान जैसे छोटे देशों ने इस पर रोक लगाई तो क्या वहां खाना-पीना बंद हो गया। विकल्प खोजने ही होंगे। हमारी कोशिश होगी कि हम लोगों को जागरूक करें, सख्ती की जरूरत न पड़े। हालांकि बोर्ड की भूमिका से इतर सिंगल यूज प्लास्टिक को रोकने की जवाबदेही अर्बन और रूरल बाडी की है।

इन पर होगा प्रतिबंध

प्लास्टिक स्टिक वाले इयर बड्स, गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टिक, सजावट वाले थर्माकोल, प्लास्टिक प्लेट और कप, गिलास, कटलरी, कांटे, चम्मच, स्ट्रा, ट्रे, प्लास्टिक पैकिंग आइटम, प्लास्टिक इनविटेशन कार्ड, सिगरेट का पैकेट, 100 माइक्रोन से कम माप वाले पीवीसी बैनर और स्टिरर के आसपास फिल्म लपेटना या पैकिंग करना।

झारखंड में 2017 से ही प्रतिबंधित है पालिथीन लेकिन दिखी नहीं सख्ती

झारखंड में वर्ष 2017 से ही पालिथीन को प्रतिबंधित किया जा चुका है। लेकिन यह सख्ती कितनी प्रभावी रही यह दिख रहा है। 19 सितंबर 2017 से किसी भी आकार (हैंडिल या बिना हैंडिल के साथ), मोटाई, आकार व रंग के पालिथीन या कैरी बैग प्रतिबंधित है।

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किया है नोटिस

झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर झारखंड राज्य प्रदूषण बोर्ड ने सिंगल यूज प्लास्टिक से बने उत्पादों, इन्हें स्टाक करने, वितरण, बिक्री और उपयोग को एक जुलाई से राेकने के लिए पूर्व में नोटिस जारी कर रखा है। नोटिस में बोर्ड ने सभी उत्पादकों, स्टाकिस्टों, खुदरा दुकानदारों, ई-कामर्स कंपनियाें, स्ट्रीट वेंडरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों (माल, मार्केट, शापिंग सेंटर, सिनेमा हाउस, पर्यटन, स्थलों, स्कूल, कालेजों, कार्यालय परिसर, अस्पतालों और अन्य संस्था) और आम जनता से यह सूचना साझा की है।

उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई

झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत माल की जब्ती, पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली, उद्योग-वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के संचालन को बंद करना शामिल है।

Edited By: Sanjay Kumar