रांची, जासं। सिडबी और झारखंड लघु उद्योग संगठन द्वारा व्यापार की स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर रांची में एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार के दौरान रिसीवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रवक्ता मैनाक मंडल, एवीपीए बिजनेस डेवलपमेंट (ईस्ट) ने भुगतान में देरी की समस्या के समाधान तथा लघु उद्योगों के लिए नकदी प्रवाह को स्थिर बनाने के लिए सिडबी के महत्व पर चर्चा की।

सिडबी भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा स्थापित एक संस्थागत प्रणाली है जो कई वित्‍तदाताओं के माध्यम से लघु उद्योग के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स फाइनैंसिंग की सुविधा प्रदान करती है। इस वेबिनार में सिडबी की तरफ से बताया गया कि सिडबी ने देश में 14,000 से अधिक लघु उद्योगों को समय से भुगतान के लिए 24,000 करोड़ रुपये उपलब्‍ध कराए हैं। ऐसे में हमारे वेबिनार का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को सिडबी की कार्यप्रणाली और फायदों के बारे में शिक्षित करके उनके व्यापार को समृद्ध करना है।

इसी साल 19 अक्टूबर को लघु उद्योग मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी किया है। इसके तहत कॉरपोरेट जगत को समय पर भुगतान के लिए निर्देश दिए गए। कॉरपोरेट से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया कि सभी कंपनियां सिडबी के प्लेटफार्म के साथ जुड़ें और इसके माध्यम से लघु उद्योगों का भुगतान करें। वहीं लघु उद्योग मंत्रालय द्वारा नवंबर 2018 में जारी अधिसूचना के मुताबिक सभी सरकारी एवं गैर सरकारी निजी संस्थान, जिनका टर्नओवर 500 करोड़ रुपये से अधिक है, उन्हें सिडबी के प्लेटफार्म पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।

इससे उनसे जुड़े लघु उद्योगों के लिए लिक्विडिटी नकदी को सुनिश्चित किया जा सकेगा। वेबिनार में मैनाक मंडल, एवीपीए बिजनेस डेवलपमेंट (ईस्ट) ने वेबिनार के प्रतिभागियों और लघु उद्योगों से कहा कि हम लघु उद्योगों एवं कॉरपोरेट से अनुरोध करते हैं कि सिडबी के साथ पंजीकरण करें और तुरंत एवं आसान फाइनैंसिंग का लाभ उठाएं।

Edited By: Sujeet Kumar Suman