राज्य ब्यूरो, रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर की अदालत में अवमानना के एक मामले में सुनवाई हुई। अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर कोर्ट ने रांची उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्हें छह सितंबर को अदालत में सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया है। अदालत ने उपायुक्त से पूछा है कि कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने के कारण क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए।

इस संबंध में प्रवीण कुमार सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए जिला अनुकंपा समिति के पास आवेदन दिया था, लेकिन उनकी नियुक्ति नहीं हुई। इसको बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने जिला अनुकंपा समिति को प्रार्थी के आवेदन पर विचार कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि अदालत के निर्देश के बावजूद जिला अनुकंपा समिति ने उनके आवेदन पर विचार नहीं किया और 23 जनवरी 2019 को समिति की बैठक में उनके आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके आवेदन में कई दस्तावेज नहीं है। समिति ने आवेदन खारिज करने के दौरान कार्मिक विभाग द्वारा जारी एक संकल्प का भी हवाला दिया। इसके बाद अदालत ने इसे अवमानना का मामला मानते हुए उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया है। इसके बाद आगे मामले की सुनवाई होगी। बता दें कि हाल के दिनों में रांची डीसी की छवि ऐसे अफसर के रूप में उभरी है जिन्होंने जल संचयन को लेकर महती प्रयास किया है।

Posted By: Jagran

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