रांची, जेएनएन। Jharkhand News कुदरत ने एक झटके में मां के दो बच्‍चे छीन लिए। मदर्स डे से ऐन पहले मां की ममता पर ऐसा प्रहार हुआ कि वह अपने बच्‍चों के जाने के गम में बुरी तरह व्‍याकुल हो गई। उसने रोते-बिलखते, तड़पते हुए अपनी जान ही गंवा दी। परिवार में एक साथ तीन-तीन मौत होने से हर कोई सदमे में है। मर्द से लेकर औरत तक सभी बिलख रहे हैं।

यह वाकया झारखंड की राजधानी रांची के अनगड़ा इलाके का है। जहां जुड़वां बच्चों के मृत पैदा होने के सदमे में गुरुवार को मां सुनीता पाहन (30 वर्ष) भी चल बसी। सोमवार को सुनीता ने जुड़वां मृत बच्चों को जन्म दिया था। बच्चों के मृत पैदा होने पर सुनीता देवी को गहरा सदमा लग गया। उसके बाद से वह काफी परेशान थी। बार-बार अपने बच्चों को याद कर रोए जा रही थी। अंतत: उसने गुरुवार को दम तोड़ दिया।

सुनीता अनगड़ा प्रखंड कांग्रेस आदिवासी सेल के अध्यक्ष शनिचरवा पाहन की पत्नी थी। अंतिम संस्कार बेड़वारी मसना में किया गया। मृतका अपने पीछे पति शनिचरवा पाहन, एक पुत्र और एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ कर गई है। अंतिम संस्कार के मौके पर खिजरी विधायक राजेश कच्छप, कांग्रेस नेता सोमनाथ मुंडा, बेलस तिर्की, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रमाकांत शाही, विधायक प्रतिनिधि राजेंद्र मुंडा, मार्शल महतो उर्फ जलेश्वर महतो, सतीश महतो, बरतू मुंडा, जितेंद्र महतो सहित अन्य शामिल हुए।