रांची से निकला क्रिकेट का नया हीरा, शिखर मोहन रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में शामिल; ऋषभ पंत संग जमाएंगे धाक
जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली के पूर्व छात्र शिखर मोहन को उनके दमदार प्रदर्शन के बाद ईरानी कप के लिए 15 सदस्यीय रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में चुना गया है।

शिखर मोहन रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में शामिल
HighLights
शिखर मोहन ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में चयनित।
जेवीएम श्यामली के पूर्व छात्र, एमएस धोनी के स्कूल से।
ऋषभ पंत और सरफराज खान के साथ मैदान साझा करेंगे।
जागरण संवाददाता, रांची। क्रिकेट के गलियारों में फिर गूंजा रांची का नाम, जवाहर विद्या मंदिर (जेवीएम), श्यामली की माटी से एक और हीरा निकलकर भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर चमकने को तैयार है। जेवीएम श्यामली के पूर्व छात्र और युवा क्रिकेट के नए सनसनी शिखर मोहन ने अपने दमदार और तूफानी प्रदर्शन के दम पर वो कर दिखाया है, जिसका सपना हर युवा क्रिकेटर देखता है।
घरेलू सत्र में बल्ले से गदर मचाने और गेंद से विरोधियों की गिल्लियां उड़ाने के बाद बीसीसीआई ने उन्हें ईरानी कप के लिए 15 सदस्यीय रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में चुन लिया है। अब शिखर मैदान पर ऋषभ पंत और सरफराज खान जैसे अंतरराष्ट्रीय धुरंधरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी धाक जमाएंगे।
बाएं हाथ से धमाकेदार बल्लेबाजी और अपनी स्लो लेफ्ट-आर्म स्पिन से विरोधियों के पसीने छुड़ाने वाले बैटिंग ऑलराउंडर शिखर मोहन का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
सत्र 2022–23 में झारखंड मेंस अंडर-19 टीम का कप्तान
वर्ष 2022 में जेवीएम श्यामली से 12वीं पास करने वाले शिखर ने स्कूल के दिनों से ही अपने तेवर दिखा दिए थे। सत्र 2022–23 में उन्हें वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए झारखंड मेंस अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया था।

बता दें कि जेवीएम श्यामली वही ऐतिहासिक नर्सरी है, जहां पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने खेल का ककहरा सीखा था। माही के नक्शेकदम पर चलते हुए शिखर ने झारखंड प्रीमियर लीग, रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी, ईस्ट जोन और दलीप ट्रॉफी में शतकों व अर्धशतकों की झड़ी लगाई और ढेर सारे विकेट चटकाकर 'रेस्ट ऑफ इंडिया' के दरवाजे पर जोरदार दस्तक देकर अपनी जगह पक्की की।
जेवीएम श्यामली की रग-रग में क्रिकेट
प्राचार्य बीएन झा ने कहा कि हमारे शिखर में धोनी वाला स्पार्क है। शिखर ने पूरे झारखंड का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। माही (एमएस धोनी) के बाद हमारे विद्यालय से एक और लाल का इस मुकाम तक पहुंचना यह साबित करता है कि जेवीएम श्यामली की रग-रग में क्रिकेट का जूनून दौड़ता है।

शिखर का यह तो बस आगाज है, वो दिन दूर नहीं जब वो टीम इंडिया की जर्सी पहनकर पूरे देश का नाम रोशन करेगा। वरीय शारीरिक शिक्षक डा. मोती प्रसाद ने उत्साहित होकर कहा कि शिखर मैदान पर एक शेर की तरह खेलता है। उसमें रनों की जो भूख और विकेट लेने की जो जिद है, वही आज उसे इरानी ट्रॉफी तक ले आई है।
स्कूल के मैदान से शुरू हुआ उसका यह धमाकेदार सफर अब भारतीय क्रिकेट के शिखर तक जाएगा। मास्टरस्ट्रोक चयन की खबर मिलते ही जेवीएम श्यामली परिसर में उत्सव का माहौल बन गया। ढोल-नगाड़ों की थाप और तालियों की गूंज के साथ शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।
