लातेहार, जासं। झारखंड के लातेहार जिले में आज दर्दनाक हादसा हुआ है। जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत बुकरू ग्राम के मननडीह टोले में शनिवार को करम डाली विसर्जन के दौरान तालाब के गहरे पानी में डूबने से सात बच्चियों की मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस के पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। मामले की जानकारी मिलने पर पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार जिले के शेरेगाड़ा गांव में करम डाली विसर्जन के दौरान 7 बच्चियों की डूबने से हुई मौत पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने परमात्मा से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिवारों को दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख प्रकट किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर कहा गया है कि झारखंड के लातेहार जिले में डूबने से मौत से सदमे में हैं। दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। राज्यपाल रमेश बैस ने भी घटना को अत्यंत मार्मिक एवं दुखद बताया है। उन्होंने ईश्वर से सभी दिवंगत आत्माओं को चिरशांति प्रदान करने तथा उनके परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की।

बालूमाथ थाना अंतर्गत शेरेगाड़ा ग्राम के मननडीह टोला में करम डाल विसर्जन के दौरान सात बच्चियों की पानी में डूबने से मौत हो गई है। सभी बच्चियों की उम्र 10 वर्ष से लेकर 20 वर्ष के बीच है। बालूमाथ थाना पुलिस सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर बालूमाथ ले आई है। सात मृतकों में तीन मृतका सगी बहनें हैं और अकलू गंझू की बेटी हैं।

मृतकों के नाम

1. रेखा कुमारी, 18 वर्ष

2. लक्ष्मी कुमारी, 8 वर्ष

3. रीना कुमारी, 11 वर्ष (तीनों के पिता अकलू गंझू हैं)

4. मीना कुमारी, 8 वर्ष, पिता लालदेव गंझू

5. पिंकी कुमारी, 15 वर्ष, पिता जगन गंझू

6. सुषमा कुमारी, 7 वर्ष, पिता चरण गंझू

7. सुनीता कुमारी, 17 वर्ष, पिता स्वर्गीय बिफा गंझू

सभी ग्राम शेरेगाड़ा, टोला मननडीह, थाना बालूमाथ, जिला लातेहार की है।

पल भर में खुशियां गम में बदली

जिन बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र के लिए करम पूजा की थी, करम के दूसरे दिन एक साथ सात की मौत से परिजनों  के ऊपर दुख का पहाड़ टूट गया है। वहीं पूरे गांव में मातम छा गया है। ज्ञात हो कि रेखा, लक्ष्मी एवं रीना का एक भाई था। अब अकलू गंझू के घर मे मात्र एक भाई ही बचा है। वहीं सुनीता कुमारी ने अपने दो भाइयों के लिए व्रत रखा था। जबकि बसंती कुमारी अपने चार भाइयों की इकलौती बहन थी। वहीं सुषमा के दो भाई, जबकि पिंकी के दो भाई हैं। कल तक करम पूजा के बाद जहां जमकर नृत्य हो रहा था, वहीं करम पूजा के पारण के बाद इतनी बड़ी घटना हो जाने से लोग हतप्रभ हैं।

20 लाख मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग को लेकर सड़क जाम

सात लड़कियों की मौत के विरोध में दर्जनों ग्रामीणों ने रांची चतरा मुख्य पथ को जाम कर दिया है। इससे रांची चतरा एनच 22 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क जाम कर रहे ग्रामीण मृतक के आश्रितों को ₹20 लाख मुआवजा व एक सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण रेलवे संवेदक पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

रेलवे संवेदक की लापरवाही

ग्रामीणों ने बताया कि मांडर गढ़ा में रेलवे संवेदक द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से खोदे गए गड्ढे के कारण उक्त घटना हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि टोरी शिवपुर रेल लाइन में कार्य कर रहे संवेदक ने रेलवे लाइन के किनारे मिट्टी का कटाव किया है। वह कहीं तीन फीट तो कहीं 5 फीट है। कहीं यह 20 फीट तक गड्ढा है। करम विसर्जन करने गई सातों लड़कियां इसी का शिकार बन गईं। घटना के बाद बालूमाथ एसडीपीओ अजित कुमार व थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार महतो एवं अंचलाधिकारी आफताब आलम घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं सातों मृतक युवतियों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बालूमाथ लाया गया है।

उपायुक्त अबु इमरान ने दिया जांच का निर्देश

सात बच्चि‍यों की मौत के बाद लातेहार उपायुक्त ने दूरभाष पर बताया कि उपरोक्त मामले की जाँंच के लिए टीम गठित कर दी गई है। अगर रेलवे द्वारा असंवैधानिक तरीके से गड्डा खोदा गया है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Sujeet Kumar Suman