रांची, डिजिटल डेस्क। आइएएस पूजा सिंघल के खिलाफ हुई छापेमारी के बाद झारखंड के नौकरशाहों में हड़कंप मचा हुआ है कि अब कहीं उनकी बारी न आ जाए। दरसअल, आइएएस अफसरों के सिंडिकेट का आइएएस पूजा सिंघल अहम हिस्सा रही हैं। वह अक्सर हाई प्रोफाइल पार्टियों में शामिल होती थीं। इन पार्टियों में सत्ताधारी, सफेदपोश और बड़े-बड़े नौकरशाह भी शामिल होते थे। अब ईडी की छापेमारी का असर है कि आइएएस अफसरों के आपसी वाट्सएप ग्रुप में पिछले दो दिनों से हाय-हैलो तक बंद है। खासकर वे अफसर ज्यादा सतर्क हैं जिनके बारे में पिछले दिनों राजभवन ने रिपोर्ट दी थी कि ये दागी हैं। ऐसे अफसरों में पूजा सिंघल का नाम पहले नंबर पर था।

देश के कई बड़े शहरों में अफसरों के पास चल-अचल संपत्ति

मालूम हो कि आर्थिक रूप से गरीब कहे जानेवाले झारखंड जैसे राज्य में नौकरशाह भ्रष्टाचार के लिए शुरू से बदनाम रहे हैं। यहां के नौकरशाहों और नेताओं ने इस राज्य को जमकर लूटने का काम किया है। इसकी एक लंबी फेहरिस्त है। केंद्र सरकार ने कुछ वर्ष पूर्व डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग की वेबसाइट पर अफसरों को अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने का आदेश दिया था। इसके तहत झारखंड कैडर के करीब 120 से ज्यादा अफसरों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा दिया था। अगर इसका अध्ययन किया जाए तो कई ऐसे अफसर सूची में शामिल हैं जिन्होंने झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में कई एकड़ जमीन खरीद रखी है। इतना ही नहीं कई अफसरों ने तो दिल्ली, देहरादून, नोएडा, कन्या कुमारी, पुणे और तमिलनाडु में भी जमीन खरीद की है। सूची में कई अफसर ऐसे भी मिल जाएंगे जिन्होंने किराये से लाखों रुपये आमदनी की बात कह रखी है। कई अफसरों ने संपत्ति का ब्योरा देते हुए जिक्र किया है कि उन्हें उपहार में कलम, कार और जमीन मिली है।

शासन में अपनी मजबूत पैठ रखते हैं कई आइएएस-आइपीएस

आइएएस पूजा सिंघल पर ईडी की कार्रवाई के बाद झारखंड के ऐसे तमाम अफसरों में अब हड़कंप की स्थिति है। ये अफसर इस बात से सहमे हुए हैं कि कहीं उनके यहां भी छापेमारी नहीं हो जाए। उनकी भी पोल पट्टी नहीं खुल जाए। दहशत का आलम यह है कि कोई अफसर इस समय पूजा सिंघल पर बात तक नहीं करना चाहता है। आइएएस ही नहीं झारखंड के कई आइपीएस भी अकूत संपत्ति के स्वामी हैं। इन्हें भी अब ईडी का डर सताने लगा है। पूजा सिंघल की तरह इन अफसरों की शासन में पैठ काफी मजबूत है। यही वजह है कि कोई इनपर हाथ नहीं डालता है।

झारखंड में अफसर, सांसद, विधायक चला रहे एनजीओ

लोगों को जानकर हैरानी होगी कि झारखंड के कई आइएएस और आइपीएस अफसर पर्दे के पीछे से इस समय झारखंड में एनजीओ भी धड़ल्ले से चला रहे हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी पत्नी या बच्चों को इस काम में लगा रखा है। अफसरों के अलावा कई विधायक और सांसद भी इस तरह के धंधे में शामिल हैं। झारखंड सरकार की कई योजनाएं इन सफेदपोश लोगों के एनजीओ के जरिए कागज पर फर्राटे भर रही हैं। इनके एनजीओ को यहां बेहद आसानी से करोड़ों की योजनाएं मिल जाती हैं। आदिवासियों के विकास संबंधित दर्जनों योजनाओं में इनके एनजीओ शामिल हैं।

Edited By: M Ekhlaque

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