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म्यांमार और थाईलैंड भेजकर झारखंड के युवाओं से कराते थे साइबर ठगी, दाउद अहमद दबोचा गया; मुंबई में कार्रवाई

Published: Wed, 08 Apr 2026 06:47 PM (IST)Updated: Thu, 09 Apr 2026 11:29 AM (IST)

झारखंड साइबर पुलिस ने महाराष्ट्र से अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गिरोह के मुख्य एजेंट दाउद अहमद को गिरफ्तार किया है। यह ...और पढ़ें

जमशेदपुर के मानगो से 18 फरवरी को गिरफ्तार हुआ था सरताज आलम।

जमशेदपुर के मानगो से 18 फरवरी को गिरफ्तार हुआ था सरताज आलम।

HighLights

  1. मुंबई से साइबर ठगी गिरोह का मुख्य एजेंट दाउद अहमद गिरफ्तार।

  2. युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर साइबर ठगी में फंसाया।

  3. झारखंड के 15 सहित कई बेरोजगारों को गिरोह से मुक्त कराया गया।

राज्य ब्यूरो, रांची। विदेश में डेटा एंट्री आपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर स्लेवरी का काम करवाने वाले गिरोह का दूसरा मुख्य एजेंट दाउद अहमद महाराष्ट्र के मुंबई स्थित डोंगरी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। वह मूल रूप से बिहार के पटना का निवासी है।

सीआइडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने उसे मुंबई पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया है। उसके पास से पुलिस ने मामले से जुड़े मोबाइल फोन, सिमकार्ड, पासपोर्ट व अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किया है।

इस केस में पूर्व में 18 फरवरी को साइबर अपराध थाने की पुलिस ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के मानगो के आजाद नगर थाना क्षेत्र के जाकिर नगर रोड नंबर तीन निवासी सरताज आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

उसपर जमशेदपुर के तीन युवकों को थाइलैंड के बैंकाक स्थित केके पार्क साइबर स्कैम कंपाउंड में भेजने का आरोप था, जहां उनसे आनलाइन ठगी की गतिविधियों में शामिल किया गया था।

बेरोजगार युवकों को साइबर अपराध में धकेला जा रहा

साइबर अपराध थाने में नौ दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी के इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तब यह मामला सामने आया था कि अलग-अलग एजेंटों के माध्यम से विदेश भेजकर बेरोजगार युवकों को साइबर अपराध में धकेला जा रहा है।

ऐसे बहुत से बेरोजगार युवकों को पुलिस ने मुक्त कराया था, इनमें 15 युवक झारखंड के थे। इन 15 युवकों में तीन जमशेदपुर के थे, जबकि कुछ युवक धनबाद, बोकारो व हजारीबाग आदि जिले से जुड़े थे।

मुक्त युवकों के संयुक्त बयान के आधार पर ही उक्त प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में अन्य पीड़ितों की पहचान, वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण व अंतरराज्यीय, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए अनुसंधान जारी है।

भारत व विदेश में सहयोगियों की मदद से साजिश रच रहा था दाउद

साइबर अपराध थाने की पुलिस ने जांच में पाया कि झारखंड में नौकरी तलाशने वाले युवकों को म्यांमार स्थित केके पार्क साइबर स्कैम कंपाउंड में मानव तस्करी कर भेजा था। गिरफ्तार दाउद अहमद भारत और विदेशों में स्थित अपने सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रचता था।

वह युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का लालच देकर उन्हें जाल में फंसाता था। उन्हें विदेश भेजकर साइबर ठगी जैसे निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट तथा अन्य प्रकार के साइबर ठगी का संचालन कराता था। इसके बाद वह उनकी यात्रा और विदेशी स्थानों से संचालित साइबर धोखाधड़ी केंद्रों में उनकी नियुक्ति की जाती थी।

ऐसे बनाते थे बेरोजगार युवकों को अपना शिकार

साइबर ठगी में शामिल ये एजेंट बेरोजगार युवकों से संपर्क कर बैंकाक, कंबोडिया, लाओस व थाइलैंड में डेटा एंट्री तथा अन्य नौकरियों का प्रस्ताव देते थे। वीजा व टिकट के नाम पर धनराशि जमा कराई जाती थी। विदेश पहुंचने पर पीड़ितों को स्कैम सेंटर के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता था।

उन्हें वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक व फर्जी प्रोफाइल, अकाउंट बनाकर संभावित विदेशी नागरिकों से संपर्क करने का निर्देश दिया जाता था। वाट्सएप चैट के माध्यम से आकर्षक निवेश प्रस्ताव देकर उन्हें फर्जी निवेश एप, वेबसाइट के लिंक भेजे जाते थे।

पीड़ित विदेशी नागरिकों को विभिन्न खातों में धन जमा कराने के लिए प्रेरित करते थे। भारत से तस्करी कर ले जाए गए व्यक्तियों को लंबे समय तक कठोर परिस्थितियों में काम करने के लिए बाध्य किया जाता था। उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया जाता था तथा स्कैम सेंटर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी।

अनधिकृत एजेंट से सावधान रहने की अपील

झारखंड पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर कार्यरत अनधिकृत एजेंट से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल डब्लयूडब्लयूडब्लयू डाट साइबरक्राइम डाट जीओवी डा. इन पर दें।

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