विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड-बिहार में बंद हो चुके पांच निगमों के कर्मचारियों को मिलेगा एक-एक लाख रुपये, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:00 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड और बिहार के पांच बंद हो चुके निगमों के 2274 कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये और ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश, 2274 कर्मचारियों को मिलेगी राशि।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिया निर्देश, 2274 कर्मचारियों को मिलेगी राशि।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने बंद निगमों के कर्मचारियों को भुगतान का आदेश दिया।

  2. झारखंड-बिहार के 2274 कर्मचारियों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये।

  3. ईपीएफ और अन्य बकाए पर ब्याज भी देने का निर्देश।

राज्य ब्यूरो, रांची। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड और बिहार के बंद हो चुके पांच निगमों के कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये देने का आदेश दिया है। साथ ही ईपीएफ के बकाया राशि पर 12 प्रतिशत और अन्य बकाए पर छह प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप नाथ की पीठ ने बिहार राज्य अर्ध सरकारी अराजपत्रित कर्मचारी संघ बनाम बिहार व अन्य के मामले में सुनवाई के बाद 28 सितंबर को यह आदेश दिया है। इससे हाईटेंशन इंसुलेटर फैक्ट्री, टाटीसिल्वे स्थित इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों सहित अन्य निगमों के को एक-एक लाख रुपये मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने जिन पांच बंद हो चुके निगमों के कर्मचारियों को यह राशि देने का आदेश दिया है, उसमें बिहार राज्य निर्माण निगम, बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम, बिहार राज्य वन विकास निगम और बिहार राज्य पंचायती राज वित्तीय विकास निगम का नाम शामिल है। इन निगमों के 2274 कर्मचारियों के बकाए का भुगतान हो सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के अनुपालन के लिए एक साल का समय दिया है। एकीकृत बिहार के विभाजन के बाद बिहार पुनर्गठन अधिनियम की 2000 में निहित प्रविधानों के तहत इन कर्मचारियों के देनदारी दोनों राज्यों को दोनों राज्य के बीच विभाजित किया जाना था। लेकिन दोनों ही राज्य सरकारों द्वारा इन निगमों के घाटे में होने का हवाला देते हुए इन्हें बंद कर दिया गया था।

यह भी पढ़ें- मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई टली, 30 सितंबर को अगली तारीख