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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Politics: 'समीर महंती की रद्द हो विधायकी', भाजपा ने उठाई मांग; चुनाव आयोग तक पहुंचा मामला

Published: Wed, 14 Aug 2024 09:00 PM (IST)

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि महंती की विधायकी समाप्त की जाए। चुनावी खर्च में सीमा से ...और पढ़ें

बहरागोड़ा से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक समीर महंती। (फाइल फोटो)
बहरागोड़ा से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक समीर महंती। (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, रांची। बहरागोड़ा से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक समीर महंती की मुश्किलें बढ़ सकती है। लोकसभा चुनाव में निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने संबंधी चुनाव आयोग के नोटिस के बाद भाजपा ने बुधवार को इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि महंती की विधायकी समाप्त की जाए। चुनावी खर्च में सीमा से ज्यादा खर्च करने पर नोटिस किए जाने का स्वागत करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस संबंध में चुनाव आयोग से शिकायत की थी।

उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव में गठबंधन के घटक दलों ने पैसे का जमकर नंगा नाच कर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। इस बात का पुख्ता सबूत इसी बात से हो गया कि समीर महंती ने खुद पत्र लिखकर पूर्वी सिंहभूम के कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर उनके द्वारा दिए गए 6000 रुपये प्रति बूथ खर्च में से 2000 रुपये निकालने का आरोप लगाया था।

जमशेदपुर लोकसभा के 1887 बूथ पर 6000 रुपये प्रति बूथ खर्च के हिसाब से कुल 1.13 करोड़ से ज्यादा रुपयों का खर्च आता है। ये सिर्फ अंतिम दिन का खर्च है। चुनाव प्रचार का खर्च इसमें जुड़ा हुआ नहीं है। ये राशि चुनाव आयोग के तय किए गए सीमा से बहुत ज्यादा था।

महंती ने पत्र को बताया फर्जी

पत्र को लिखने के बाद महंती जब घिरे तो उन्होंने पल्ला झाड़ने के लिए इस पत्र को फर्जी बताया, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उन्होंने आज तक इस मुद्दे पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की। प्रतुल ने चुनाव आयोग से भी आग्रह किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवारों के खर्च की करीब से मॉनिटरिंग करे।

बाबूलाल मरांडी ने भी शिकायत की थी

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने 17 जून को मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर समीर महंती के पत्र के पूरे प्रकरण की जानकारी दी थी और उनकी सदस्यता रद करने की अपील की थी।

बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की भी मांग की थी। चुनाव आयोग के नोटिस के बाद एक बार फिर से भाजपा द्वारा पिछले लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवारों के द्वारा बेहिसाब पैसा खर्च के आरोप को बल मिला है।

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