रांची, राज्य ब्यूरो। रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र में साईंनाथ विश्वविद्यालय के समीप जीरावार परसागढ़ा जंगल में तीन जनवरी को सिरकटी युवती का निर्वस्त्र शव मिलने के मामले की गुत्थी सुलझने के बाद डीजीपी एमवी राव ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पूरी टीम की पीठ थपथपाई और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की। शव बरामदगी के 12 दिन के बाद मारी गई सूफिया परवीन के डीएनए से उसकी मां का डीएनए मैच होने पर पुलिस ने शव मायके वालों को दे दिया।

सूफिया परवीन का शव लेकर उसके माता-पिता चान्हो थाना क्षेत्र के चटवल गांव में लेकर चले गए। इस मामले में शामिल सूफिया की सौतन अफसाना खातून उर्फ साबो खातून शुक्रवार को कोर्ट में पेश की गई, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, इस घटना का मुख्य हत्यारोपित कथित पति शेख बेलाल शनिवार को जेल भेजा जाएगा। उसकी कोविड जांच रिपोर्ट समय से नहीं मिलने के चलते शुक्रवार को उसे जेल नहीं भेजा जा सका।

पुलिस के अनुसार, सूफिया शेख बेलाल की दूसरी पत्नी थी, जबकि साबो पहली पत्नी। पुलिस के अनुसार इन्हीं दोनों ने मिलकर सूफिया का कत्ल किया। ये मूल रूप से रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र के चंदवे मस्जिद मुहल्ला, खान टोली के रहने वाले हैं। पुलिस ने इस घटना में शामिल एक लोहे की दउली, एक लोहे का साबल, एक टीवीएस अपाची मोटरसाइकिल, चार मोबाइल, घटना के दिन पहना हुआ अभियुक्तों का कपड़ा व एक लेडिज स्टॉल बरामद कर लिया है।

डीजीपी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सूफिया परवीन शेख बेलाल की दूसरी पत्नी थी, जिसका बेलाल की पहली पत्नी साबो से झगड़ा होता रहता था। वह शेख बेलाल पर पहली पत्नी से तलाक के लिए दबाव बनाती थी। सूफिया परवीन ने पिठोरिया थाने में शेख बेलाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें वह जेल भेजा गया था। जेल में ही शेख बेलाल ने हत्या की योजना बना ली थी और जेल से निकलने के बाद इस घटना को अंजाम दिया।

डीजीपी ने बताया कि तीन जनवरी को सिरकटे शव की बरामदगी के बाद गुप्त सूचना मिली कि पिठोरिया के चंदवे बस्ती निवासी शेख बेलाल की दूसरी पत्नी सूफिया परवीन लापता है। सूफिया के माता-पिता, भाई व अन्य रिश्तेदारों ने शव की पहचान सूफिया परवीन के रूप में की। इसके बाद उनका डीएनए मैच कराने के लिए एसएफएसएल में भेजा गया। इसी बीच जानकारी मिली कि शेख बेलाल पत्नी व बच्चों के साथ फरार है। गुप्त सूचना पर शेख बेलाल की पहली पत्नी पकड़ी गई। उसने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह अपने पति शेख बेलाल के साथ सूफिया की हत्या में शामिल थी।

उसकी निशानदेही पर ही सूफिया का कटा हुआ सिर बरामद किया गया। साबो के बयान पर ही सिर छुपाने में प्रयुक्त साबल को घर से बरामद किया गया। 14 जनवरी को ओरमांझी-सिकिदरी रोड में ऑटो से भागने के क्रम में शेख बेलाल भी पकड़ा गया। उसने पूछताछ में हत्या का जुर्म कुबूल लिया। शेख बेलाल की निशानदेही पर ही चंदवे स्थित उसके घर से लकड़ी के ढेर के नीचे छुपाकर रखे गए घटना में प्रयुक्त लोहे की दउली व घटना में प्रयुक्त अपाची मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया गया।

अभियान चलाने वालों को नोटिस भेजेगी पुलिस

डीजीपी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ओरमांझी में सिरकटे शव की बरामदगी के बाद निर्भया को इंसाफ दिलाने का अभियान चलाने वालों को झारखंड पुलिस नोटिस भेजेगी। अभियान चलाने वालों को कैसे पता चला कि मारी गई युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। अगर किया गया तो उन्हें जानकारी थी, तब ही उसे निर्भया नाम दिया, तब तो उन्हें यह भी बताना पड़ेगा कि इस सामूहिक दुष्कर्म में कौन-कौन शामिल थे।

पुलिस टीम को पुरस्कृत करने के लिए सरकार से अनुशंसा करेंगे डीजीपी

डीजीपी एमवी राव ने सिरकटे शव की गुत्थी सुलझाने वाली पूरी पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम को पुरस्कृत करने के लिए राज्य सरकार से भी अनुशंसा की जाएगी। जिन्हें पुरस्कृत किया जाएगा, उनमें एडीजी विशेष शाखा मुरारी लाल मीणा, जांच के लिए गठित विशेष जांच दल के प्रमुख आइजी अखिलेश कुमार झा, एसएसपी रांची सुरेंद्र कुमार झा, ग्रामीण एसपी रांची नौशाद आलम, डीएसपी मुख्यालय वन नीरज कुमार, डीएसपी सिल्ली चंद्रशेखर आजाद, डीएसपी खलारी मनोज कुमार, डीएसपी साइबर क्राइम यशोधरा, इंस्पेक्टर ओरमांझी श्याम किशोर साव, इंस्पेक्टर सदर पश्चिमी अंचल असीत कुमार मोदी शामिल हैं।

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