रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand News झारखंड में 1,219 स्वास्थ्य उपकेंद्र किराये के भवन में चल रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ग्रामीण स्वास्थ्य सांख्यिकी-2020-21 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। ये सभी स्वास्थ्य उपकेंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। राहत की बात यह है कि झारखंड सरकार ने इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए अपना भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत फिलहाल 447 भवनहीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण पर 55.50 लाख रुपये होंगे खर्च

इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का भवन निर्माण प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत स्वीकृत राशि से होगी। प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण पर 55.50 लाख रुपये खर्च होंगे। झारखंड सरकार उपायुक्तों की अनुशंसाओं पर जिलावार योजनाएं स्वीकृत भी करनी शुरू कर दी है। इनमें अभी तक गुमला को 26, दुमका को 24, गढ़वा को 11 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। पूरी योजना पर 248.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें 60 प्रतिशत केंद्र सरकार ने दी है, जबकि 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को वहन करना है। बता दें कि आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन स्कीम के तहत 675 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इनमें 298.08 करोड़ रुपये पिछले वर्ष स्वीकृत हुए थे, जबकि 377.83 करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत हुए हैं।

3,848 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 1,219 चल रहे किराये के भवन में

झारखंड के 3,848 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 1,219 स्वास्थ्य उपकेंद्र किराये के भवन में चल रहे हैं। वहीं, 207 स्वास्थ्य उपकेंद्र सामुदायिक या पंचायत भवन जैसे दूसरे सरकारी भवनों में चल रहे हैं। 2,422 स्वास्थ्य केंद्र के ही अपने भवन हैं।

Edited By: Sanjay Kumar