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परीक्षाओं में गड़बड़ी से युवा चिंतित, सरकार को कदम उठाना चाहिए; छात्र आंदोलनों पर RSS के सह सरकार्यवाह का बयान 

Published: Fri, 21 Aug 2026 02:58 PM (IST)

आरएसएस के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने नीट जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ी पर युवाओं की चिंता व्यक्त की और सरकार ...और पढ़ें

पत्रकारों से बातचीत करते सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद (बायें)। साथ में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर। सौजन्य आरएसएस

पत्रकारों से बातचीत करते सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद (बायें)। साथ में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर। सौजन्य आरएसएस

HighLights

  1. नीट गड़बड़ी पर युवाओं की चिंता, सरकार से कार्रवाई की मांग।

  2. आरएसएस में 60% युवा स्वयंसेवक, नशा उन्मूलन पर जोर।

  3. जनसांख्यिकी परिवर्तन, एआई उपयोग पर भी हुई चर्चा।

संजय कुमार, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने कहा कि नीट या अन्य परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी के कारण देश के युवा चिंतित हैं। व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण यह सभी जगहों पर हो रहा है। उनके भविष्य की चिंता करते हुए इसे ठीक करने की जरूरत है। सरकार को अपने स्तर से कदम उठाना चाहिए। साथ ही समाज को भी आगे आना चाहिए।

वे शुक्रवार को विशाखापत्तनम के पास विज्ञान विहार विद्यालय में आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक के अंतिम दिन शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन से संबंधित सवाल पर कहा कि व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए केवल आंदोलन से कुछ नहीं होगा। इसे रचनात्मक दृष्टि से देखने की जरूरत है।

स्वयंसेवकों में 60 प्रतिशत युवा 

उन्होंने कहा कि युवा समुदाय की मन स्थिति को देखते हुए देश व समाज के लिए वे क्या सोचते हैं और देश के प्रति उनका योगदान क्या हो सकता है, इस पर आरएसएस और अभाविप, बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच जैसे वे सभी संगठन मिलकर काम करेंगे, जहां से बड़ी संख्या में युवा जुड़े हैं।

आरएसएस में युवाओं का प्रतिनिधित्व से संबंधित सवाल पर सह सरकार्यवाह ने कहा कि दैनिक शाखाओं पर आने वाले स्वयंसेवकों में 60 प्रतिशत युवा हैं। इस वर्ष भी 40 वर्ष से कम आयु के 21000 स्वयंसेवकों ने संघ का प्रशिक्षण लिया है।

ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से भी बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। तीन दिवसीय बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ की विचारधारा से प्रभावित होकर कार्य करने वाले 32 संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री, संगठन मंत्री सहित 306 प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें 49 महिलाएं थीं।

नशा उन्मूलन को लेकर अभियान चलाएगा संघ

सह सरकार्यवाह ने कहा कि नशे को लेकर समाज परेशान हैं। बड़ी संख्या में युवा इसकी गिरफ्त में आ गए हैं। इसके उन्मूलन के लिए आरएसएस और संघ की प्रेरणा से कार्य करने वाले सभी संगठन मिलकर काम करेंगे।

समाज का भी सहयोग लिया जाएगा। बैठक में एआइ को लेकर भी चर्चा हुई। प्रजेंटेशन के माध्यम से इसे सभी लोगों ने समझा और भारतीय परिप्रेक्ष्य में इसका उपयोग कैसे हो सकता है, इस पर चर्चा हुई।

जनसांख्यिकी परिवर्तन से निपटने की जरूरत

सीआर मुकुंद ने कहा कि जिस तरह से भारत के कई इलाकों में जनसांख्यिकी परिवर्तन हो रहा है उसे समय रहते नहीं ठीक किया तो दो तीन दशकों में वहीं स्थिति होगी जो आज विश्व के कई देशों की हो गई है। इसका मुख्य कारण जन्मदर में कमी, कुछ समुदाय की आबादी ज्यादा बढ़ना तो कुछ का कम होना है। इस विषय पर बैठक में मंथन हुआ।

उन्होंने कहा कि अभी भारत में युवा आयु सबसे ज्यादा हैं, परंतु आने वाले समय में कम होने की स्थिति बनती जा रही है। विकास का भारतीय माडल और पंच परिवर्तन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। आगामी वर्षों में कार्य विस्तार की योजना भी बनाई गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर भी उपस्थित थे।

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