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RPF ने दो नाबालिग लड़कियों को किया रेस्क्यू, चाइल्ड लाइन रांची को सौंपा

By Shakti Singh Edited By: Kanchan Singh
Published: Fri, 09 Jan 2026 02:02 PM (IST)

आरपीएफ रांची ने 'नन्हे फरिश्ते' अभियान के तहत रांची रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग लड़कियों को बचाया। खूंटी जिले की ...और पढ़ें

रेलवे सुरक्षा बल रांची ने नन्हे फरिश्ते अभियान के अंतर्गत दो नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करी से सुरक्षित बचा लिया है।

रेलवे सुरक्षा बल रांची ने नन्हे फरिश्ते अभियान के अंतर्गत दो नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करी से सुरक्षित बचा लिया है।

HighLights

  1. आरपीएफ रांची ने 'नन्हे फरिश्ते' अभियान के तहत दो नाबालिग को बचाया।

  2. लड़कियां घरेलू काम की तलाश में खूंटी से रांची पहुंची थीं।

  3. शोषण से बचाकर चाइल्डलाइन रांची को सुरक्षित सौंपा गया।

जागरण संवाददाता, रांची। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची ने नन्हे फरिश्ते अभियान के अंतर्गत मानवीय संवेदनशीलता और सतर्कता का परिचय देते हुए दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया है। यह कार्रवाई आरपीएफ रांची के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में की गई। अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसर में भटके या जोखिम में पड़े बच्चों को सुरक्षित करना है।

संयुक्त टीम ने चलाया जांच अभियान

आरपीएफ पोस्ट रांची की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), डीएनएफटी टीम रांची एवं सीआईबी रांची की संयुक्त टीम द्वारा रांची रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था।

इसी क्रम में शाम लगभग 5:30 बजे प्लेटफार्म संख्या दो पर दो लड़कियां संदिग्ध अवस्था में अकेली बैठी हुई पाई गईं। टीम को उनकी गतिविधियां असामान्य प्रतीत हुईं, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई।

पूछताछ में हुआ खुलासा

पूछताछ के दौरान लड़कियों ने अपनी पहचान बताई। इनमें से एक की उम्र 14 वर्ष जबकि दूसरी की उम्र 16 वर्ष बताई गई। दोनों लड़कियां खूंटी जिले के रानिया थाना क्षेत्र अंतर्गत खटंगा गांव की निवासी हैं। लड़कियों ने बताया कि वे घरेलू काम की तलाश में अपने घर से निकलकर रांची पहुंची थीं।

नाबालिग होने की पुष्टि, सुरक्षा को प्राथमिकता

जांच के दौरान जब दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई तो उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए आरपीएफ ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। यह आशंका जताई गई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो दोनों किसी शोषण या तस्करी का शिकार हो सकती थीं।

चाइल्डलाइन को सौंपा गया

सभी औपचारिकताओं के बाद दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन रांची के सदस्य के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि आगे की काउंसलिंग एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

इनकी रही अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक सोहन लाल के नेतृत्व में आरपीएफ स्टाफ संजय यादव, दिव्या सिंह, पी पान, एसपी टोप्पो एवं सी कच्छप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएफ द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल बच्चों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि समाज में जागरूकता का भी संदेश देती है।