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रांची रिम्स पूरी तरह होगा हाईटेक, मरीजों को मिलेगी रोबोटिक सर्जरी और 200 नए वेंटिलेटर की सुविधा

By Anuj TiwariEdited By: Mansi Kumari
Published: Tue, 21 Jul 2026 03:18 PM (IST)Updated: Tue, 21 Jul 2026 03:46 PM (IST)

रिम्स रांची की शासी परिषद की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मरीजों के अनुकूल बनाने के लिए कई ...और पढ़ें

रिम्स की 64वीं शासी परिषद की बैठक। जागरण

रिम्स की 64वीं शासी परिषद की बैठक। जागरण

HighLights

  1. रिम्स में पीपीपी मोड पर नया हॉस्टल बनेगा।

  2. आपातकालीन सेवाओं के लिए 200 नए वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे।

जागरण संवाददाता, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मरीजों की सुविधा बढ़ाने और चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई रिम्स शासी परिषद की बैठक में छात्रावासों के संचालन से लेकर अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और रोबोटिक सर्जरी शुरू करने तक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि रिम्स के सभी यूजी और पीजी छात्रावासों का संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। उद्देश्य छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

रिम्स की आपातकालीन और ट्रॉमा सेवाओं को मजबूत करने के लिए 200 अत्याधुनिक वेंटिलेटर खरीदने का फैसला लिया गया है। इन वेंटिलेटरों को मुख्य रूप से इमरजेंसी और ट्रॉमा मरीजों के उपचार में उपयोग किया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल बेहतर जीवनरक्षक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

बैठक में रिम्स में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्णय लिया गया। रोबोटिक सर्जरी शुरू होने से जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता के साथ किए जा सकेंगे और मरीजों की रिकवरी अवधि भी कम होगी।

इसके साथ ही मेडिकल शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने के लिए स्मार्ट क्लासरूम संचालित करने की मंजूरी दी गई है। इससे एमबीबीएस और पीजी छात्रों को डिजिटल एवं तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।

शासी परिषद ने अस्पताल परिसर के सभी शौचालयों को आधुनिक बनाने, मुख्य प्रवेश द्वार को नया स्वरूप देने, ऑर्थोपेडिक वार्ड के पुनर्निर्माण तथा मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने का भी निर्णय लिया। रिम्स में एमबीबीएस सीटों की संख्या 250 होने के बाद आवश्यक आधारभूत संरचना के विस्तार के लिए तकनीकी आकलन कराने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में थैलेसीमिया मरीजों के लिए रक्त उपलब्धता बढ़ाने, ब्लड बैंक को सुदृढ़ करने, जेनेटिक स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत करने, रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने और ऑन्कोलॉजी विभाग के लिए रेडियोथेरेपी मशीन की खरीद प्रक्रिया तेज करने पर भी सहमति बनी। साथ ही अस्पताल में एयरपोर्ट की तर्ज पर शौचालय का निर्माण होगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स को देश के अग्रणी सरकारी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रमुख फैसले:

  • यूजी और पीजी हॉस्टल का संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा।
  • इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाओं के लिए 200 नए वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे।
  • रिम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी।
  • मेडिकल छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम संचालित किए जाएंगे।
  • ऑर्थोपेडिक वार्ड का पुनर्निर्माण होगा।
  • मरीजों की सहायता के लिए आधुनिक हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा।
  • ब्लड बैंक और जेनेटिक स्क्रीनिंग सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।