रांची RIMS में MBBS की 250 सीटों पर इसी सत्र से होगा नामांकन, झारखंड के छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने रिम्स में एमबीबीएस की सीटें 180 से बढ़ाकर 250 करने को मंजूरी दे दी है। यह ...और पढ़ें

रिम्स कलंबे इंतजार के बाद मिली स्वीकृति, अब फैकल्टी समेत अन्य मानकों को और मजबूत करना होगी अगली चुनौती।
जागरण संवाददाता, रांची। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की एमबीबीएस सीटों को 180 से बढ़ाकर 250 करने की मंजूरी दे दी है। इसका सीधा लाभ इसी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मिलेगा।
नीट-यूजी 2026 के परिणाम के बाद होने वाली काउंसिलिंग में अब रिम्स की 250 सीटों पर नामांकन होगा। यानी इस वर्ष 70 अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को राज्य के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल कालेज में डाक्टर बनने का अवसर मिलेगा।
रिम्स प्रबंधन लंबे समय से सीट बढ़ाने की प्रक्रिया में जुटा था। आधारभूत संरचना, शैक्षणिक संसाधनों, अस्पताल की क्षमता और एनएमसी के अन्य मानकों को पूरा करने के बाद संस्थान ने इस वर्ष विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को भेजी थी। निरीक्षण और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आयोग ने सीट वृद्धि को मंजूरी प्रदान की।
झारखंड के छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
अब तक सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में झारखंड के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों के मेडिकल कालेजों का रुख करना पड़ता था। सीटें बढ़ने से राज्य के अधिक योग्य छात्रों को रिम्स में ही मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में राज्य को अधिक संख्या में प्रशिक्षित चिकित्सक भी मिलेंगे।
अभी भी कई चुनौतियां बाकी
हालांकि सीट वृद्धि के साथ रिम्स की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। एनएमसी के मानकों के अनुरूप करीब 30 प्रतिशत फैकल्टी की कमी दूर करना, अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना, प्रयोगशालाओं, हास्टलों और शिक्षण सुविधाओं को और मजबूत करना संस्थान के सामने बड़ी चुनौती होगी। बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से विकसित करनी होंगी।
रिम्स निदेशक बोले- राज्य के लिए गर्व का विषय
रिम्स के निदेशक प्रो. (डाॅ.) डीके सिन्हा ने कहा कि एमबीबीएस सीटों में वृद्धि संस्थान और पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे झारखंड के विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय झारखंड सरकार, स्वास्थ्य विभाग, एनएमसी सेल, डीन, विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों को दिया। वहीं, रिम्स के डीन प्रो. (डा.) राजीव मिश्रा ने कहा कि यह संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और टीम वर्क का परिणाम है। रिम्स भविष्य में भी एनएमसी के सभी मानकों का पालन करते हुए फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य संसाधनों को और सुदृढ़ करेगा।
एक नजर में
- पहले एमबीबीएस सीटें : 180
- अब कुल सीटें : 250
- अतिरिक्त सीटें : 70
- लागू होगा : शैक्षणिक सत्र 2026-27 से
- प्रवेश : नीट-यूजी 2026 काउंसिलिंग के माध्यम से
- फायदा : हर वर्ष 70 अतिरिक्त विद्यार्थियों को मिलेगा मेडिकल शिक्षा का अवसर
यह झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। सीटें बढ़ने से राज्य के 70 और युवाओं का डाक्टर बनने का सपना साकार होगा। यह निर्णय न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि पूरे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को भविष्य में मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- डाॅ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री।
