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रिम्स में 250 MBBS सीटों के बाद बदलेगी तस्वीर, अब मरीजों की सुविधाओं और इलाज का सिस्टम होगा मजबूत  

Published: Wed, 12 Aug 2026 09:50 AM (GMT+05:30)

रांची के रिम्स में एमबीबीएस सीटों की संख्या 180 से बढ़कर 250 होने के बाद, संस्थान में आवश्यक अधोसंरचना और सुविधाओं को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है।

रिम्स में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़कर 250 हुई हैं।

रिम्स में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़कर 250 हुई हैं।

HighLights

  1. रिम्स में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़कर 250 हुई हैं।

  2. स्वास्थ्य विभाग ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

जागरण संवाददाता, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में 250 एमबीबीएस सीटों के अनुरूप आवश्यक अधोसंरचना, मानव संसाधन और शैक्षणिक-चिकित्सीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने की कवायद तेज हो गई है।

इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रबंधन ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारी की है। बैठक में संस्थान में चल रहे विकास, नवीनीकरण और निर्माण कार्यों के साथ मरीजों की सुविधाओं और विभागीय आवश्यकताओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिप्टी सेक्रेटरी मनोज कुमार, रिम्स निदेशक, डीन, चिकित्सा अधीक्षक और सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। भवन निर्माण विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक में ओपीडी और आईपीडी सेवाओं, वार्डों के उन्नयन, मरीजों की सुविधाओं, सिविल निर्माण व नवीनीकरण कार्यों तथा विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा एमबीबीएस सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 किए जाने के बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप आवश्यक संसाधनों की भी समीक्षा की गई।

लंबित कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश

रिम्स निदेशक ने संबंधित अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्माण और नवीनीकरण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ 250 एमबीबीएस सीटों के अनुरूप आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की सुविधा, बेहतर कार्यप्रवाह, वार्डों की क्षमता बढ़ाने, शिक्षण एवं प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने तथा विभागों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

निदेशक ने कहा कि एमबीबीएस सीटों का 180 से बढ़कर 250 होना रिम्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अनुरूप संस्थान की अधोसंरचना और शैक्षणिक एवं चिकित्सा सुविधाओं को भी मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।