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रिम्स जमीन अतिक्रमण में बड़ा एक्शन: हाईकोर्ट के आदेश पर ACB ने बिल्डर-माफिया पर दर्ज की FIR

Published: Wed, 07 Jan 2026 02:12 AM (IST)

झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण मामले में प्राथमिकी दर्ज ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हाईकोर्ट के आदेश पर रिम्स जमीन अतिक्रमण में FIR दर्ज।

  2. एसीबी ने बिल्डर, भू-माफिया और अधिकारियों को बनाया आरोपी।

  3. अवैध निबंधन, म्यूटेशन करने वालों पर जांच तेज होगी।

राज्य ब्यूरो, रांची। रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को प्राथमिक की दर्ज कर ली है। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में मंत्रिमंडल निगरानी एवं सचिवालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण मामले में पांच जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की है।

जिनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें राजेंद्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (रिम्स) रांची प्रबंधन, राजस्व कार्यालय रांची, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय रांची, रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा), रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) के पदाधिकारियों, कर्मियों व अन्य अज्ञात लोग शामिल हैं।

अब एसीबी रिम्स की जमीन का निबंधन करने वाले, म्यूटेशन करने वाले अधिकारियों, कर्मियों, उक्त जमीन पर अपार्टमेंट खड़ी करने वाले बिल्डर, जमीन माफिया आदि के विरुद्ध अपनी जांच तेज करेगी। फिलहाल, सभी अज्ञात हैं। जांच में चिह्नित सरकारी अधिकारियों-कर्मियों के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भी जांच होगी।

गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद रिम्स की जमीन पर बने चार मंजिले मकान व अन्य अवैध अतिक्रमण को हाल ही में प्रशासन ने हटाया है। जिन मकान, अपार्टमेंट को तोड़ा गया है उनके मालिकों के नाम से निबंधन भी हुआ था, उसका दाखिल खारिज भी हो गया था और बैंक से ऋण लेकर लोगों ने अपना घर, मकान बनवाया था।

झारखंड उच्च न्यायालय ने इस साजिश में शामिल बिल्डर, अधिकारी, जमीन माफिया व अन्य सभी को आरोपित बनाते हुए उनके विरुद्ध एसीबी को जांच का आदेश दिया था। इस आदेश के आलोक में यह प्राथमिकी दर्ज की गई है।