रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड हाई कोर्ट में न्यायाधीश एबी सिंह की अदालत में विधायक चंपई सोरेन के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर संजीव कुमार बेसरा ने अपनी गवाही दर्ज कराई। उन्होंने दस्तावेजों के देखने के बाद कहा कि बूथ नंबर 330 के 561 वोटों की गणना नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि यह लिपिकीय भूल है, इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इस दौरान आरओ की गवाही पूरी कर ली गई और प्रति परीक्षण भी किया गया। बता दें कि गणेश महली ने याचिका दाखिल कर चंपई सोरेन के निर्वाचन को चुनौती दी है।

हाई कोर्ट परिसर में अस्पताल की मांग को लेकर जनहित याचिका

झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। उन्होंने बताया कि इस याचिका में हाई कोर्ट परिसर में स्थित डिस्पेंसरी को अस्पताल घोषित करते हुए सुविधा बढ़ाने की मांग की गई है। इसे लेकर संघ ओर से हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और स्वास्थ्य सचिव को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन उनकी ओर से उनके पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अदालत में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में इस अस्पताल में आंख चेकअप, सभी तरह की जांच की सुविधा, अधिवक्ता और उनके परिवार का हेल्थ कार्ड बनाने की मांग की गई है। इसमें स्वास्थ्य सचिव और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को प्रतिवादी बनाया गया है। 

Posted By: Alok Shahi

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