रांची, राज्य ब्यूरो। तमाड़ के पूर्व विधायक रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड का मुख्य आरोपित कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन उर्फ विकास को हजारीबाग के ओपेन जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। अब वह वहां अपनी पत्नी के साथ रहेगा। ओपेन जेल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया सरकार की आत्मसमर्पण नीति के प्रावधान के तहत की गई है। इससे पूर्व कुंदन पाहन बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में था। उसे ओपन जेल में शिफ्ट करने का आदेश छह माह पूर्व ही हो गया था, लेकिन कानूनी अड़चन व न्यायालयों से स्वीकृति मिलने के बाद ओपेन जेल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

कुख्यात कुंदन पाहन ने 14 मई 2017 को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण के वक्त वह नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों के झारखंड रीजनल कमेटी का सचिव था और 15 लाख का इनामी था। आत्मसमर्पण के वक्त उसपर रखे गए 15 लाख रुपये के इनाम का चेक उसे दे दिया गया था।

कुंदन पाहन पर डीएसपी, इंस्पेक्टर की हत्या समेत 127 आपराधिक मामले थे। इनमें खूंटी में 50, रांची में 42, चाईबासा में 27, सरायकेला में 7 व गुमला में एक कांड दर्ज है। 2000 में नेपाल के पीएम पुष्पकमल दहाल उर्फ प्रचंड ने उसके साथ बोकारो जिले के झुमरा पहाड़ पर ट्रेनिंग ली थी। कुंदन ने बताया था कि उसे वेस्ट बंगाल के टॉप माओवादी नेता मनीष दा, किशन जी, भास्कर दा उर्फ मिसिर बेसरा और नंदलाल ने झुमरा पहाड़ पर युद्ध का प्रशिक्षण दिया था।

वह 2000 में भाकपा माओवादी संगठन का सदस्य बना था। इसके बाद उसने ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम दिया। सांसद सुनील महतो, पूर्व मंत्री और विधायक रमेश सिंह मुंडा, बुंडू डीएसपी प्रमोद कुमार सहित छह पुलिसकर्मी और स्पेशल ब्रांच के इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार की हत्या का आरोप कुंदन पर है। इतना ही नहीं, एक निजी बैंक के पांच करोड़ रुपये व एक किलो सोना लूटने में भी कुंदन पाहन आरोपित बना था।

Posted By: Alok Shahi

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