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12 मिनट की संताली फिल्म ने रचा इतिहास, 'आंगेन' के लिए रवि राज को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, CM सोरेन ने दी बधाई

Published: Sun, 19 Jul 2026 09:46 AM (IST)

जमशेदपुर के रवि राज मुर्मू को संताली लघु फिल्म 'आंगेन' (Angen) के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में 'सर्वश्रेष्ठ नवोदित ...और पढ़ें

झारखंड के रवि राज मुर्मू को संताली फिल्म आंगेन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार।

झारखंड के रवि राज मुर्मू को संताली फिल्म आंगेन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार।

HighLights

  1. रवि राज मुर्मू को 'आंगेन' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

  2. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रवि राज मुर्मू को बधाई दी।

  3. 'आंगेन' संथाली समाज और संस्कृति पर आधारित लघु फिल्म।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के सिनेमा और संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक पल आया है। जमशेदपुर के युवा फिल्म मेकर रवि राज मुर्मू को उनकी संताली शॉर्ट फिल्म 'आंगेन' के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है।

इस बड़ी उपलब्धि पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रवि राज मुर्मू को बधाई देते हुए इसे पूरे राज्य और संताली भाषा के लिए गौरव का क्षण बताया है। यह सिर्फ पुरस्कार नहीं, झारखंड की संस्कृति की जीत है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवा निर्देशक की सराहना करते हुए कहा

"मैं रवि राज मुर्मू को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देता हूँ। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतना न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत मील का पत्थर है, बल्कि झारखंड के लोगों और संताली भाषा के लिए भी गर्व की बात है। उन्होंने अपनी फिल्म 'आंगेन' के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर संथाली भाषा, संस्कृति और कहानियों की समृद्धि को बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया है।"

सीएम ने आगे कहा कि यह सम्मान देशज (इंडीजीनस) सिनेमा के एक जीवंत केंद्र के रूप में झारखंड की बढ़ती पहचान को और मजबूत करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रवि की इस सफलता से प्रेरित होकर राज्य के अन्य युवा फिल्म निर्माता भी आगे आएंगे और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा के जरिए दुनिया के सामने लाएंगे।

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(फिल्म आंगेन की शूटिंग का सीन।)

सिर्फ 12 मिनट की फिल्म ने रचा इतिहास: जानें 'आंगेन' की खास बातें

  • लोकल टच, ग्लोबल रीच: महज 12 मिनट की इस लघु फिल्म (Short Film) की पूरी शूटिंग जमशेदपुर के खूबसूरत ग्रामीण इलाकों में की गई है।
  • शानदार अभिनय: फिल्म में रामचंद्र मार्डी, सलोनी, जीतराय हांसदा और फुलमनी जैसे स्थानीय कलाकारों ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से जान फूंकी है।
  • मिट्टी की कहानी: फिल्म में संथाली समाज, उसकी संस्कृति और ताने-बाने को बेहद संजीदगी के साथ पर्दे पर उतारा गया है।

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जमशेदपुर से पुणे और फिर नेशनल अवार्ड तक का सफर

रवि राज मुर्मू की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और सिनेमा के प्रति उनके समर्पण का नतीजा है। रवि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमशेदपुर के प्रतिष्ठित करीम सिटी कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने सिनेमा की बारीकियों को सीखने के लिए पुणे का रुख किया।

जहां उन्होंने फिल्म एडिटिंग में स्पेशलाइजेशन के साथ ग्रेजुएशन (स्नातक) की डिग्री हासिल की। पुणे से सीखी इसी तकनीकी बारीकी और झारखंड की माटी की खुशबू को मिलाकर रवि ने 'आंगेन' जैसी मास्टरपीस फिल्म बनाई, जिसने आज राष्ट्रीय स्तर पर डंका बजा दिया है।