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730 ग्राम के नवजात ने जीती जिंदगी की जंग, रांची में 126 दिन NICU में इलाज के बाद मिला नया जीवन

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:51 PM (IST)

रानी अस्पताल, रांची ने 730 ग्राम के अत्यंत समयपूर्व जन्मे नवजात शिशु के जटिल उपचार में सफलता हासिल की है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. रानी अस्पताल ने 730 ग्राम के नवजात का सफल उपचार किया।

  2. 28 सप्ताह में जन्मे शिशु को 126 दिन एनआईसीयू में रखा गया।

  3. सर्जरी और गहन देखभाल के बाद शिशु का वजन बढ़ा।

जागरण संवाददाता, रांची। रानी अस्पताल ने 730 ग्राम वजन वाले अत्यंत समयपूर्व जन्मे नवजात के जटिल उपचार में सफलता हासिल की है।

28 सप्ताह में जन्मे इस शिशु की जन्मजात बीमारी की सर्जरी के बाद 126 दिनों तक गहन एनआइसीयू देखभाल की गई। उपचार के बाद शिशु का वजन बढ़कर करीब 1,540 ग्राम हो गया और उसे आवश्यक सलाह व फालोअप के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसकी जानकारी रानी अस्पताल के डा. राजेश कुमार ने अस्पताल में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।

शिशु जुड़वां बच्चों में से एक था और उसका जन्म रांची के लक्ष्मी नर्सिंग होम में हुआ था। जांच में भोजन नली का जन्मजात अवरोध होने के साथ श्वसन नली से असामान्य संपर्क होता है।

जन्म के दूसरे दिन पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. मो. इमरान ने शिशु की जीवनरक्षक सर्जरी की। सर्जरी के बाद शिशु की नियोनेटल और पोस्ट-आपरेटिव देखभाल डॉ. राजेश कुमार, डॉ. किरण और डॉ. शुभा के नेतृत्व में बहुविषयक टीम ने की।

शिशु को 25 दिनों तक मैकेनिकल वेंटिलेशन और इसके बाद 35 दिनों तक नान-इनवेसिव वेंटिलेटरी सपोर्ट की जरूरत पड़ी।

यानी कुल 60 दिनों तक उसे श्वसन संबंधी सहायता दी गई। लगातार 126 दिनों के गहन एनआइसीयू उपचार के दौरान शिशु की स्थिति में सुधार हुआ और उसका वजन करीब 1,540 ग्राम तक पहुंचा। इसके बाद उसे डिस्चार्ज किया गया।

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