रांची, जासं। Ranchi Zilla Parishad President and Vice President Result रांची जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद पर आजसू समर्थित सदस्यों का कब्जा रहा। मुकाबले में खड़े रहे भाजपा समर्थित और अन्य पार्टियों के समर्थित सदस्यों को मुंह की खानी पड़ी। अध्यक्ष पद पर निर्मला भगत और उपाध्यक्ष पद पर वीणा चौधरी ने बाजी मारी।

निर्मला भगत को कुल 36 मतों में से 28 मत प्राप्त हुए जबकि हिंदिया टोप्पो को चार मत मिले। जबकि शेष चार मत अमान्य घोषित किये गए। जिला परिषद उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान के बाद प्रहलाद लोहरा को 3, मनोज कुमार को सात, कमिश्नर मुंडा को पांच और वीणा चौधरी को 20 मत प्राप्त हुए। कुल 36 मतों में एक मत को अमान्य घोषित किया गया।

निर्वाची पदाधिकारी जिला परिषद सह उपायुक्त छवि रंजन की देखरेख में जिला परिषद भवन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव संपन्न कराया गया। इस दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अपर समाहर्ता नक्सल एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवार थे मैदान में

रांची जिला परिषद अध्यक्ष के लिए दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। स्क्रूटनी के बाद अध्यक्ष एवं निर्वाची पदाधिकारी जिला परिषद सह उपायुक्त रांची छवि रंजन ने अंतिम रूप से हिंदिया टोप्पो और निर्मला भगत के नाम का ऐलान किया।

उपाध्यक्ष पद के लिए थे चार उम्मीदवार

रांची जिला उपाध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद छवि रंजन ने उपाध्यक्ष पद के लिए वीणा चौधरी, मनोज कुमार, प्रहलाद लोहरा और कमिश्नर मुंडा के नाम की घोषणा की।

जिला परिषद सदस्यों को दिलाई गई शपथ

जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले रांची जिला के सभी निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को शपथ दिलाई गई। अध्यक्ष एवं निर्वाची पदाधिकारी जिला परिषद सह उपायुक्त ने सभी जिला परिषद सदस्यों को शपथ दिलाई।

36 जिला परिषद सदस्यों ने किया वोट

रांची जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव हेतु सभी 36 जिला परिषद सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। बैलेट पेपर के माध्यम से अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न कराया गया।

तीन घंटे विलंब से शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया

बता दें कि हाईकार्ट में उपायुक्त की पेशी होने के कारण तीन घंटे विलंब से रांची जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। इसे लेकर शुरू में जिला परिषद सदस्यों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अगर चुनाव नहीं कराना था, तो तिथि क्यों निर्धारित की गई। यह लापरवाही है। हालांकि, इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य पदाधिकारी समझाते दिखे। तब जाकर मामला शांत हुआ।

Edited By: Sanjay Kumar