विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रांची विश्वविद्यालय में PhD के नए नियम लागू, अब हर छह महीने में जमा करनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट

Published: Thu, 20 Aug 2026 09:11 AM (IST)

रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी रेगुलेशन 2022 लागू हो गया है, जिसके तहत शोधार्थियों को अब हर छह महीने में प्रगति ...और पढ़ें

पीएचडी रेगुलेशन 2022 रांची विश्वविद्यालय में लागू।

पीएचडी रेगुलेशन 2022 रांची विश्वविद्यालय में लागू।

HighLights

  1. पीएचडी रेगुलेशन 2022 रांची विश्वविद्यालय में लागू।

  2. गाइड की योग्यता और छात्रों की अधिकतम संख्या अब तय।

जागरण संवाददाता, रांची। रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी रेगुलेशन 2022 बुधवार को लागू कर दिया गया। 2026 में जो भी अभ्यर्थी शोध करेंगे उनको इसी रेगुलेशन के तहत करना होगा। इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

अब पीएचडी में रजिस्ट्रेशन से पहले होने वाला कोर्स वर्क सेमेस्टर सिस्टम के तहत संचालित होगा। इसके अलावा पीएचडी करने वाले शोधार्थियों को अब प्रत्येक छह महीने में अपनी प्रगति रिपोर्ट संबंधित विभाग में जमा करनी होगी।

इस रेगुलेशन को जारी करने में विवि की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा का सबसे बड़ा योगदान हैं। वहीं विवि के रिसर्च डायरेक्टर व सोशल साइंस डीन डॉ. एमपी हसन उनकी टीम ने इस रेगुलेशन को कड़ी मेहनत से तैयार किया है। इस रेगुलेशन के लागू होने के बाद शोधार्थियों को कई सुविधाएं मिलेंगी।

विभागाध्यक्ष अब बताएंगे विद्यार्थियों को गाइड

शोध करने वाले विद्यार्थियों को पहले गाइड की जानकारी के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। इसके बाद भी गाइड की जानकारी नहीं मिल पाती थी। लेकिन अब रांची विश्वविद्यालय में ऐसा नहीं होगा। अब भविष्य में सभी विभागों के विभागाध्यक्ष ही शोध करने वाले विद्यार्थियों को गाइड की जानकारी प्रदान करेंगे। इस रेगुलेशन में ये भी प्रावधान रखा गया है। अब विद्यार्थियों को गाइड की समस्या नहीं होगी।

स्नातक करने वाले भी कर सकेंगे पीएचडी

अब स्नातक करने वाले विद्यार्थी भी पीएचडी कर सकेंगे। लेकिन ये केवल चार वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों पर ही लागू होगी। वहीं चार वर्ष का कोर्स पूरा करने और कम से कम 75 प्रतिशत अंकों के साथ उन्हें पास होना जरूरी है। वहीं एसटी, एससी और ओबीसी विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी।

गाइड की योग्यता भी हो गयी है तय

इसके अलावा पीएचडी करवाने वाले गाइड की योग्यता भी इसमें तय की गयी है। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर का पीएचडी होना आवश्यक है और कम से कम उनके नाम से पांच रिसर्च पब्लिकेशन होना आवश्यक है।

इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर का भी पीएचडी होना और कम से कम तीन रिसर्च पब्लिकेशन होना आवश्यक है। इसके अलावा प्रोफेसर 8, एसोसिएट प्रोफेसर 6 और असिस्टेंट प्रोफेसर 4 विद्यार्थियों को ही पीएचडी करवा सकेंगे।