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रांची यूनिवर्सिटी: पीजी सत्र 2025-27 के छात्रों की बढ़ी मुश्किलें, एक साल की देरी के बाद अब रजिस्ट्रेशन पर ब्रेक

Published: Thu, 22 Oct 2026 10:09 AM (IST)

Ranchi University News: रांची विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2025-27 के छात्रों का रजिस्ट्रेशन एक साल की देरी के बाद भी ...और पढ़ें

रांची यूनिवर्सिटी में सुस्त रफ्तार: एक साल पीछे चल रहा पीजी सत्र, परीक्षा पर भी ब्रेक।

रांची यूनिवर्सिटी में सुस्त रफ्तार: एक साल पीछे चल रहा पीजी सत्र, परीक्षा पर भी ब्रेक।

HighLights

  1. पीजी सत्र 2025-27 का रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं हुआ।

  2. नामांकन में देरी से परीक्षाएँ भी प्रभावित हो रही हैं।

  3. वोकेशनल कोर्स के छात्रों को सबसे अधिक परेशानी।

जागरण संवाददाता, रांची। रांची विश्वविद्यालय में सत्र देरी का सबसे अधिक खामियाजा पीजी के नए सत्र के विद्यार्थी भुगत रहे हैं। पीजी 2025-27 के विद्यार्थियों ने अगस्त में अपनी पढ़ाई शुरू की है और अभी तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।

एक तो वैसे ही एक साल बाद उनका नामांकन लिया गया है। विभागों में पीजी की क्लास चल रही है लेकिन रजिस्ट्रेशन समय पर नहीं होने के कारण परीक्षा पर ब्रेक लग गया है। इसके कारण ये सत्र और भी लेट होता जा रहा है।

पीजी के विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन का इंतजार

रांची विश्वविद्यालय के सभी 30 विभागों में पीजी के सत्र 2025-27 में लगभग 650 नामांकन हुआ है। अगस्त में नामांकन प्रक्रिया पूरी की गयी है। जिसके बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होती है।

लेकिन एक महीना गुजर जाने के बाद भी अभी तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। पीजी के एक विद्यार्थी सुजीत कुमार का कहना है कि एक तो हमारा सत्र लेट हो गया है और अब रजिस्ट्रेशन कब होगा इसका अता पता नहीं है।

सत्र हो गया एक साल लेट

रांची विश्वविद्यालय के पीजी का ये पहला बैच होगा जो सबसे लेट चल रहा है। जिन पीजी के विद्यार्थियों का नामांकन 2025 में हो जाना चाहिए था उनका नामांकन 2026 में लिया गया। हालांकि इनकी पढ़ाई जारी है और विभागों की कोशिश है कि समय पर सिलेबस पूरा हो जाए।

वहीं परीक्षा के संबंध में परीक्षा नियंत्रक डा. संजय कुमार सिंह ने बताया कि जब तक रजिस्ट्रेशन नहीं होगा परीक्षा का आयोजन नहीं किया जा सकता है। हमारी कोशिश है कि समय पर परीक्षा ले ली जाए और रिजल्ट का प्रकाशन कर दिया जाए। प्रयास किया जा रहा है कि सत्र समय पर कर लिया जाए।

सबसे अधिक परेशानी वोकेशनल कोर्स में

वहीं रेगुलर कोर्स के विद्यार्थियों के साथ सबसे अधिक परेशानी वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों के साथ है। उनका कोर्स अगर समय पर पूरा नहीं हुआ तो उन्हें जाब तक नहीं मिलेगी। इसके अलावा उनका ट्रेनिंग प्रोग्राम भी समय पर नहीं हो पाएगा।

एमबीए के इस सत्र में नामांकन ले चुके दिवाकर आनंद का कहना है कि हमारा नामांकन ही देर से हुआ है और समय पर अगर परीक्षाएं नहीं हुई तो सत्र और भी लेट हो जाएगा। ये हाल एमबीए के अलावा एमसीए, आरडी, आर्कियोलाजी एंड म्यूजियोलाजी सहित अन्य कोर्स का है।

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