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रांची यूनिवर्सिटी के 18 कॉलेजों में अब नहीं होगी PG की पढ़ाई, सीटों का आवंटन शून्य

Published: Wed, 03 Jun 2026 07:20 AM (IST)

रांची विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में अब पीजी की पढ़ाई नहीं होगी, छात्रों को पीजी विभागों में नामांकन लेना होगा। ...और पढ़ें

रांची विश्वविद्यालय। फाइल फोटो

रांची विश्वविद्यालय। फाइल फोटो

HighLights

  1. रांची विश्वविद्यालय के कॉलेजों में अब पीजी की पढ़ाई नहीं होगी।

  2. छात्रों को पीजी विभागों में ही नामांकन का अवसर मिलेगा।

  3. ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों पर पड़ेगा सबसे अधिक असर।

दिवाकर सिंह, रांची। रांची विश्वविद्यालय के कॉलेजों से पीजी की पढ़ाई करने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है। अब विवि के कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई नहीं होगी।इसके लिए छात्रों को पीजी विभाग जाना होगा।

झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी संकल्प में कॉलेजों से पीजी को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जबकि रांची विवि के पीजी के 30 विभागों के लिए कुल 4420 सीटें आवंटित की गयी है, जिस पर नामांकन लिया जायेगा। वही विवि के कुल 18 संबद्ध कॉलेजों के लिए पीजी की एक भी सीट आवंटित नहीं की गयी है। इसलिए इस सत्र से वहां पीजी विभागों में नामांकन भी नहीं लिया जायेगा।

सभी कॉलेजों में होती है पीजी की पढ़ाई, ग्रामीण क्षेत्र पर पड़ेगा असर

रांची विश्वविद्यालय के सभी संबद्ध सभी 18 कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई होती है। जो विद्यार्थी कॉलेजों में स्नातक की पढ़ाई पूरी करते हैं वहीं अपने ही कॉलेज में पीजी में नामांकन ले लेते हैं।

वहीं, पीजी बंद होने का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों पर पड़ेगा। वहां से स्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी हैं वो अपने ही क्षेत्र के कॉलेज में पीजी में नामांकन ले लेते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली छात्राएं रांची आने की जगह अपने ही क्षेत्र के कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर लेती हैं। उन्हें भी अब पीजी की पढ़ाई करने के लिए रांची शहर आना होगा और पीजी विभागों में नामांकन लेना होगा।

पिछले वर्ष 4307 विद्यार्थियों ने कॉलेजों के पीजी में लिया था नामांकन

रांची विवि के 15 कॉलेजों में संचालित हो रहे पीजी कोर्स में 2024 के सत्र में कुल 4307 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था। इसमें सबसे अधिक नामांकन ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में हुआ था। इसमें केओ कॉलेज गुमला में 427, बिरसा कॉलेज खूंटी में 458 और बीएस कॉलेज लोहरदगा में 283 नामांकन हुए थे। वहीं शहरी क्षेत्र के डोरंडा कॉलेज में 905 और मारवाड़ी कॉलेज के पीजी में कुल 721 नामांकन हुए थे।

इन कॉलेजों में होती है पीजी की पढ़ाई

इसमें रांची वीमेंस कॉलेज , मारवाड़ी कॉलेज , डोरंडा कॉलेज , रामलखन सिंह यादव कॉलेज , एसएस मेमोरियल कॉलेज , जेएन कॉलेज धुर्वा, केसीबी कॉलेज बेडा़े, मांडर कॉलेज , बिरसा कॉलेज खूंटी, पीपीके कॉलेज बुंडू, बीएस कॉलेज लोहरदगा, केओ कॉलेज गुमला, बीएन जालान कॉलेज सिसई, सिमडेगा कॉलेज , वीमेंस कॉलेज लोहरदगा, माडल डिग्री कॉलेज घाघरा, माडल डिग्री कॉलेज बानो, वीमेंस कॉलेज सिमडेगा, वीमेंस कॉलेज गुमला।

अब पीजी विभागों में मिलेगा नामांकन का मौका, 4420 सीटें आवंटित

कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई बंद होने के बाद रांची विवि के पीजी विभागों में ही विद्यार्थियों को नामांकन का विकल्प मिलेगा। यहां के लिए भी सरकार की ओर से कुल 4420 सीटें आवंटित की गयी है।

विवि के पीजी के 30 विभाग हैं जहां वर्तमान में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। प्रत्येक वर्ष विवि के पीजी विभागों में नामांकन की संख्या काफी कम हो जाती है। कई-कई विभागों में सीटें खाली रह जाती थी और विद्यार्थी अपने आसपास के कॉलेजों में पीजी के संबंधित विषय में नामांकन ले लेते थे।

अभी तक कितनी सीटों पर नामांकन लेना है और कैसे पढ़ाई होगी इसकी जानकारी हमें प्राप्त नहीं हुई है। सरकार की ओर से जैसा आदेश और निर्देश आयेगा उसी के अनुसार नामांकन लिया जायेगा। -डॉ. सुदेश कुमार साहू, डीएसडब्ल्यू, रांची विवि